बिज इन सिंगापुर

इजी आॅफ बिजनेस डूइंग को अमल में लाने की तमाम कोशिशों के बावजूद, अभी भी देश के नव उद्यमियों का एक बड़ा वर्ग ​सिंगापुर में कंपनी रजिस्टर्ड कराकर बिजनेस शुरू करने का काफी इच्छुक नजर आता है. क्या इस अट्रेक्शन की वजह स्टेटस सिम्बल की चाह है या फिर, वहाँ से फर्म आॅपरेट करना यहाँ की तुलना में वाकई सुविधाजनक है,इस बारे में बता रहे हैं, लीडिंग कन्सटेंसी फर्म ऐस एडवाइर्जस इंडिया के फाउंडर सीईओ संजीव जैन…

”इसकी कई वजह हैं. इनमें प्रमुख हैं, वहाँ के लीगल फ्रेमवर्क की स्पष्टता और तर्कसंगतता, आकर्षक कर प्रणाली और सिंगापुर की ​बिजनेस फ्रेंडली नीतियाँ, जो यह सुनिश्चित करती हैं कि जितना अधिक से अधिक संभव है, अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस अवसरों के अबाध संचालन को प्रोत्साहित किया जा सके.

इंटरनेशनल बिजनेस में पैठ बनाने से फॉरेन इन्वेस्टमेंट, डाइवर्सिफिकेशन आदि की दृष्टि से आपके कारोबार के लिए नए रास्ते खुलते हैं और विस्तृत पहुँच के कारण आपके काम में बढ़ोत्तरी होती है.

आपके दिमाग में यह बात आ रही होगी कि आपको अपने बिजनेस को इस्टेब्लिश करने के लिए असल में क्या प्लान करना चाहिए. हमारी कंपनी पिछले करीब सात साल से दुनिया भर के सौ से ज्यादा देशों में बिजनेस स्थपित करने में उद्यमियों की मदद कर रही है. इस अनुभव के आधार पर मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि सिंगापुर अपनी कंपनी इस्टेब्लिश करने के लिए एक बहुत अच्छा विकल्प है. लेकिन क्यों? इसकी वजह है कि यह देश न सिर्फ ग्लोबल इकोनॉमी में एक शानदार जगह बनाए हुए है, बल्कि ठीक एशिया के दिल में एक बिजनेस हब के रूप में केंद्रीय भूमिका भी निभा रहा है. लंबे समय से सिंगापुर को राजनीतिक स्थिरता, खुले व्यापार की नीति, अत्यंत दक्ष कार्यबल और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल,वैश्विक गतिविधियों के केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है. यही सब वजह है, जिन्होंने इसे सफलता के लिए एक विश्वस्तरीय लॉन्चपैड के रूप में प्रतिष्ठित किया है.

इस देश की खूबसूरती देखिए कि जहाँ एशिया के अधिकतर देश तरह—तरह की राजनीतिक या सामाजिक समस्याओं से घिरे नजर आते हैं, वहीं सिंगापुर में एशियन, यूरोपियन और अमेरिकन आदि सभी संस्कृतियों का एक आदर्श सम्मिश्रण है और अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस कम्यूनिटी के बेहद अनुकूल है.इसकी करेंसी और सुविकसित इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूती ने बाहरी कंपनियों के लिए इसे एक परफेक्ट जगह बना दिया है. इन्हीं कुछ वजहों से उभरते हुए व्यवसायों को सिंगापुर को एक संभावनाओं से भरी जगह के रूप में देखना चाहिए. यह देश इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन का पूरा ख्याल रखते हुए अवसरों का एक व्यापक नेटवर्क पेश करता है, जिसका नए उद्यमी काफी लाभ उठा सकते हैं और बाजार में अपनी कंपनी की जड़े मजबूती से जमा सकते हैं.

अब सवाल यह आता है कि आखिर विदेश में कंपनी खोली कैसे जाए? इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि एक अच्छी साख और अनुभव वाली कंसल्टेंसी सर्विस की मदद ली जाए, क्योंकि सही मार्गदर्शन और सहायता पर ही किसी कंपनी का भविष्य निर्भर करता है. जहाँ तक हमारी ऐस एडवाइजर्स इंडिया का सवाल है, हम स्ट्रेटेजिस्ट्स, फाइनेंसर्स, एडवर्टाइजर्स, मार्केटर्स, लीगल एडवाइजर्स, कंपनी लॉ के पेशेवरों की अपनी अनुभवी व प्रतिभाशाली टीम के साथ पिछले सात सालों से उद्यमियों को दुनिया भर के 100 से ज्यादा देशों में अपनी कंपनी शुरू करने के संबंध में सलाह व सेवाएं दे रहे हैं. अब हम मुख्य विषय ​सिंगापुर में कंपनी की शुरुआत पर आते हैं…इसका सबसे बड़ा आकर्षण है, वहाँ की बेहतरीन कर प्रणाली, जो दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तुलना में कहीं बेहतर और सरल है. यहाँ बिजनेस से मिले डिवीडेंड्स और कैपिटल गेन पर जीरो टैक्स और लेवी की व्यवस्था है.

आप यहाँ अपने व्यवसाय के लिए आयकर अधिनियम और आर्थिक विकास प्रोत्साहन अधिनियम के अंतर्गत ​विभिन्न प्रकार के टैक्स इन्सेन्टिव्स के लिए एप्लाई कर सकते हैं. राजस्व प्रबंधन के लिए इस देश में बेहतरीन सपोर्ट सिस्टम है. यहाँ राजस्व का अ​र्थ कंपनी की आय के मुख्य स्रोत से है, जिसमें फिक्स्ड असेट्स के डिस्पोजल जैसी चीजों पर मिलने वाले फायदे शामिल नहीं है. आपका एन्युअल रेवेन्यू अगर जीरो या दस लाख डॉलर से कम है तो देश के कानून के अंतर्गत आपको ईसीआई को रिपोर्ट करने से छूट मिलती है.
संक्षेप में कहें तो, चाहे आप एनआरई हों, स्माल बिजनेस हों, या मल्टीनेशनल कंपनी, सिंगापुर में कंपनी खोलने का फैसला आपके लिए एक ग्लोबल लॉन्चपैड का काम करता है, जिससे आपके बिजनेस में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी. आप इस मामले में किसी भी सहायता के लिए हमारी वेबसाइट www.aceadvisorsasia.com पर विजिट कर सकते हैं या 9810709988 पर कॉल कर सकते हैं.

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