सेक्स इन स्पेस

अगले तीन दशकों में पृथ्वी से इतर, अंतरिक्ष में मानव​ बस्तियां बसाने की राह में आने वाली चुनौतियों पर​ और उनके संभावित समाधानों पर विचार शुरू हो चुका है. इन्हीं में से एक है, अंतरिक्ष में सेक्स और संतानोत्पत्ति. ता​कि धरती के इंसानों की पहली पीढ़ी को वहाँ बसाने के बाद, वही लोग अपनी अगली पीढ़ी के रूप में मूल रूप से अंतरिक्ष में पैदा होने वाली पीढ़ियां तैयार कर सकें.

Image courtesy: aalmeidah & 8385 (Pixabay)

पिछले साल के ​आखिर में कनाडा के पाँच रिसर्चरों की एक टीम ने विश्व के पमुख अंतरिक्ष संगठनों के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें ऑफ-वर्ल्ड मानव बस्तियों की रचना को सुगम बनाने की दिशा में सुझाव थे. स्पेस सेक्सोलॉजी: द साइंटिफिक स्टडी आॅफ एक्सट्राटेरेस्ट्रियल इंटीमेसी एंड सेक्सु​अलिटी शीर्षक वाले इस प्रस्ताव में कहा गया है कि रॉकेट साइंस हमें बाहरी अंतरिक्ष में तो ले जा सकता है, लेकिन एक अंतरिक्ष मानव सभ्यता के रूप में हमारा विकास इस बात से निर्धारित होगा कि हमारे बीच मानवीय संबंध किस प्रकार के हैं.

प्रस्ताव कहता है कि यदि हम वास्तव में ऑफ-वर्ल्ड बस्तियां स्थापित करना चाहते हैं तो हमें उन स्पेस पोस्ट्स में यौन संबंधों और प्रजनन के प्रबंधन के लिए सुचारू योजनाओं की आवश्यकता है. क्योंकि यह संतानोत्पत्ति ही नहीं, बल्कि जैविक और शारीरिक—मा​नसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. इस बात की पूरी आशंका है कि अंतरिक्ष का वातावरण सेक्स को लेकर हमारी शारीरिक प्रक्रिया को नकारात्मक रूप से प्रभावित करे और पृथ्वी पर हम जिस उद्वेग और अंतरंगता को महसूस करें, संभव है कि वह अंतरिक्ष में काम न करे. ऐसे में यह बहुत महत्वपूर्ण होगा कि हम मानव जीवन के इस अहम पक्ष का प्रबंधन योजनाबद्ध तरीके से करें.

हालांकि इस मुद्दे पर लगभग विगत तीन दशकों से मंथन जारी है. लेकिन, समस्या यह है कि अभी तक अंतरिक्ष विज्ञानियों का अधिकतम फोकस अपने यात्रियों को सकुशल अंतरिक्ष में पहुँचाने और वापस लाने पर ही रहा है. इसलिए अंतरिक्ष में सेक्स को लेकर क्या—क्या समस्याएं और समाधान हो सकते हैं, इस बारे में हमारा ज्ञान एकदम नहीं के बराबर ही है और हम नहीं जानते कि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण और सुरक्षा देने वाले चुंबकीय क्षेत्र की अनुपस्थित अंतरिक्ष में बसने वाले लोगों के शरीर और यौन क्षमताओं पर किस प्रकार का असर डाल सकती है.

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