महासागर से विभाजित हो जायेगा अफ्रीका

जीओलॉजिस्टों ने चेतावनी दी है कि विश्व का भौगोलिक मानचित्र एक बार फिर बदल सकता है. यह होगा अफ्रीका महाद्वीप के दो हिस्सों में बँट जाने से. हालांकि इसकी शुरुआत हो चुकी है, लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इस प्रक्रिया के पूरा होने में अभी एक करोड़ साल लग सकते हैं.

फाल्ट डायनामिक्स रिसर्च ग्रुप लंदन रॉयल होलोवे के लुसिया पेरेज डियाज के अनुसार, दक्षिण पश्चिम केन्या में मीलों लंबी और काफी चौड़ी दरार आ चुकी है जो इस महाद्वीप के विभाजन की भूमिका बना रही है. एक दिन ऐसा आयेगा, जब एक महासागर दोनों हिस्सों के बीच में आकर इन्हें दो अलग-अलग महाद्वीपों में बदल देगा.

इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डियाज ने कहा है कि धरती का लिथोस्फेयर (क्रस्ट और मैंटल का ऊपरी हिस्सा) कई अस्थिर टेक्टॉनिक प्लेटों में बंटा होता है, जो अलग-अलग गति से एक-दूसरे की तरफ बढ़ती रहती हैं. ये ज्यादा चलायमान एस्थेनोस्फेयर (लिथोस्फेयर के नीचे की परत) के ऊपर सरकती रहती हैं. एस्थेनोस्फेयर के बहाव और प्लेटों की बाउंड्री से पैदा हुए बल इन्हें गतिमान बनाए रखते हैं. ये बल प्लेट को चलाती ही नहीं हैं, बल्कि कभी-कभी तोड़ भी देती हैं. इससे धरती में दरार पैदा होती है और एक नई प्लेट बाउंड्री के निर्माण की स्थितियाँ बनती हैं.

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