अर्थ चिंतन 2021

स्वदेशी शोध संस्थान एवं एसोसिएशन आफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (850 भारतीय विश्वविद्यालयों का संघ) की द्वारा ‘भविष्य में भारत का मार्ग क्या हो ?’ विषय पर राष्ट्रव्यापी चर्चा के लिए बुधवार से ऑन लाईन प्लेटफ़ॉर्म पर अर्थचिंतन 2021 का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत दिनांक 23,24 व 25 सितम्बर को प्रतिदिन साँय 6 बजे से 8 बजे तक देश के जाने माने प्रमुख अर्थशास्त्री, राजनेता, विद्वान, कृषि विशेषज्ञ, उद्योगपति व अन्य सामाजिक संगठन चर्चा करेंगे, जिसका विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर लाईव प्रसारण किया जाएगा.

Image courtesy: Wikipedia

कोरोना महामारी एवं तेज़ी से बदलते अन्य भू राजनैतिक घटनाक्रम के कारण न केवल देश की, बल्कि विश्व की अर्थव्यवस्थाएं डगमगाई हैं. युवाओं के देश भारत में रोजगार, जो पहले से ही विषम परिस्थिति में था कोरोना के कारण से और भी लड़खड़ा गया है. ऐसे हालात में देश की आर्थिक व रोजगार की दिशा में आगामी सकारात्मक पहल क्या हो सकती है ? इस विषय पर स्वदेशी जागरण मंच ने इस व्यापक चिंतन की पहल की है.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस (25 सितम्बर) पर इस चर्चा का पहला चरण पूर्ण होने के उपरांत अर्थ चिंतन 2021 के अंतर्गत स्वदेशी जागरण मंच की प्रेरणा से आयोजित इस चर्चा को महानगरों, प्रांतों की राजधानियों, ज़िला केंद्रों एवं गाँव तक ले ज़ाया जाएगा. इस राष्ट्रीय बहस का उद्देश्य सबकी भागीदारी और सहमति से देश के आर्थिक विकास के लिए आगामी लक्ष्य निर्धारित करना है, ताकि सब एकजुट होकर उस लक्ष्य की प्राप्ति में लग जाएं.

स्वदेशी जागरण मंच पिछले 30 वर्षों से अपने शोध, गतिविधीयों व अन्य माध्यमों से योगदान कर देश की आर्थिक स्थिति को दिशा देने एवं उन्नत करने में सहयोग करता रहा है. भारत का हित स्वदेशी दृष्टिकोण का मुख्य सूत्र है.

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