सवालों का सवार

बहुत दिनों बाद एक ऐसी किताब हाथ में आई, जिसे एक ही सिटिंग में पूरा किए बिना चैन नहीं मिलने वाला था. प्रागैतिहासिक युग के परिवेश में रची यह कहानी अलबेला की है, जिसके सवाल ही उसकी संजीवनी हैं और उसकी प्रेरणा भी. अलबेला से पहली बार मिलते… Read More

उदासी के बादल, उम्मीदों की चाँदनी

शरद का चाँद (नम्रता सिंह) के रूप में लंबे समय बाद कोई ऐसी कथा पढ़ने को मिली है, जो प्रेम के अनेक नए आयाम प्रस्तुत करती है. आशंकाओं पर आशाओं की जीत की यह कहानी सोनिया के इर्दगिर्द घूमती है, जो जन्म और संस्कृति से… Read More

बिन चाबी का ताला

फिल्म विक्टोरिया नंबर 203 का वो गाना तो आपने सुना ही होगा, ‘… दो बेचारे, बिन ताले की चाबी लेकर फिरते मारे-मारे’… यहॉं ताला तो है, लेकिन चाबी नहीं. और चाबी की जरूरत भी नहीं है. क्योंकि एवरी-की स्मार्ट रिस्टवाच नामक यह डिवाइस एक ऐसे… Read More

सैर वक्त की भूलभुलैया की

आखिरी प्रेमगीत, कोविड—19 जैसी अलग—अलग तरह की किताबों के लेखक अभिषेक जोशी एक बार फिर एक अलग तरह की किताब लेकर आए हैं, द रियल टाइम मशीन. दिलचस्प रूप से इस विषय पर आधारित दूसरी कथाओं से यह इस मायने में अलग है कि अधिकतर… Read More