फ्लोटिंग नेशन, फ्री पॉपुलेशन

क्या आपने ऐसे किसी देश की कल्पना की है, जो जमीन पर नहीं, बल्कि सागर की लहरों पर बसा हो और, जहाँ किसी देश के कानून लागू न होते हों. ऐसा ही एक तैरता देश दक्षिण प्रशांत महासागर में पिछल पाँच साल से रचा जा रहा है और सब कुछ ठीक रहा तो इस साल के भीतर इसमें ढाई सौ से तीन सौ घर बनकर तैयार हो चुके होंगे.

फ्रांस की सरकार की देख—रेख में, पॉलिनेशिया की सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे इस फ्लोटिंग आइलैंड प्रोजेक्‍ट के तहत बन रहे इस तैरते हुए देश का कॉन्सेप्ट दिसंबर 2017 में रिलीज हुआ था, जिसे ब्लू फ्रंटियर्स नामक कंपनी ने तैयार किया था और नॉनप्रॉफिट सीस्‍ट‍िडिंग इंस्‍टिट्यूट के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है. इस देश में सारे आर्थिक लेन—देन के लिए क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल किया जाएगा. दिलचस्प बात है कि इसकी फंडिंग भी क्रिप्टो में ही की गई है.

करीब 50 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3 अरब रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसके पूरा हो जाने के बाद, कम से कम सौ साल तक इसमें किसी भी प्रकार के निर्माण की जरूरत न पड़े. इस देश में एग्रीकल्चर, हेल्थ केअर, मेडिकल रिसर्च सेंटर, सस्टेनेबल एनर्जी देने वाले बिजलीघरों के अलावा होटल, रेस्त्रां और व्यावसायिक गतिविधि केंद्र, पेड़, पौधे, घरों पर ग्रीन रूफ भी रहेंगे.

आखिर इस परियोजना की जरूरत क्यों पड़ी. इसकी वजह दक्षिणी प्रशांत महासागर में 118 द्वीपों का एक समूह है, जहाँ जलस्तर बढ़ने से इन द्वीपों में डूबने का खतरा निरंतर बढ़ता जा रहा है. फ्रांस इन द्वीपों के आस-पास ही ऐसे ‘देश या शहर’ बनाने की तैयारी कर रहा है, जो समंदर में तैरते रहेंगे.

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