फ्लाइंग टैक्सी रेस, कौन रहेगा आगे

भारत समेत दुनिया के कई विकसित देशों में फ्लाइंग टैक्सी सेवाएं लॉन्च की तैयारियां जोरों पर हैं और उम्मीद की जा रही है कि अगले तीन साल के भीतर कम से कम एक दर्जन देशों में फ्लाइंग टैक्सी सर्विसेज उपलब्ध होने लगेंगी. इस एकदम नए क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को इस बात से समझा जा सकता है कि दुनिया की कम से कम तीन सौ कं​पनियां हवाई टैक्सी के कारोबार से किसी न किसी रूप से जुड़ी हैं. विश्वप्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टेनले का अनुमान है कि 2040 तक इसका कारोबार पाँच लाख करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा.

अमेरिका की आर्चर एविएशन कंपनी ने एक ऐसी हवाई टैक्सी डेवलप की है, जो एक बार फ्यूल भरने पर फ्लाइंग टैक्सी चार यात्रियों के साथ हवा में 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 100 किलोमीटर की यात्रा कर सकती है. पिछले साल जुलाई में इसका ट्रायल रन कर चुकी कंपनी को उम्मीद है कि 2024 में अमेरिका के लॉस एंजेल्स और मियामी के बीच हवाई टैक्सी सेवा को व्यावसायिक रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा.

सिंगापुर वैसे भले ही आकार में छोटा है, लेकिन इस मामले में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. जर्मनी की वोलोकॉप्टर जीएमबीएच नामक कंपनी ने जानकारी दी है कि वह 2023 के अंत तक सिंगापुर में बिजली से चलने वाली दुनिया की पहली हवाई टैक्सी सेवा शुरु कर देगी. शुरुआत में यह हवाई टैक्सी पायलट और एक पैसेंजर के लिए होगी. हालांकि बाद में इसमें दो यात्रियों को भी बिठाया जा सकता है. आश्चर्यजनक रूप से इस हवाई टैक्सी सेवा के शुरू होने से पहले ही इसके टिकटों की बिक्री भी शुरू हो चुकी है.

विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह हवाई टैक्सी हेलीकॉप्टर को रिप्लेस कर सकती है, क्योंकि यह बहुत सीमित जगह से अपनी उड़ान भर सकती है, जिसकी वजह से सघन आबादी वाले क्षेत्रों में भी इसकी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं. कंपनी पिछले साल अक्टूबर में सिंगापुर के मरीना बे क्षेत्र में टैक्सी के उड़ान का सफल का प्रदर्शन कर चुकी है.

फ्रांस भी इस दौड़ में पीछे नहीं है. उसका इरादा 2024 के समर ओलंपिक में और दो फ्लाईट रूट्स के बीच पैसेंजर्स के आने-जाने के लिए टैक्सी सेवा शुरू करने का है. एक रूट पेरिस-चार्ल्स डी गॉल और ले बॉर्गेट एयरपोर्ट्स को जोड़ेगा, जबकि दूसरा रूट राजधानी शहर के दक्षिण-पश्चिम में दो उपनगरों को जोड़ेगा. इसके लिए आने वाले कुछ महीनों में पेरिस के बाहर एक लोकेशन पर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सियों की टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी.

रोम भी अगले दो सालों में उड़ने वाली टैक्सियां शुरू करने के लिए कमर कस रहा है. उसका लक्ष्य 2024 में रोम के फ्लुमिसिनो एयरपोर्ट से अपना पहला ऑपरेशन शुरू करना है. यहाँ भी वोलोकॉप्टर अपनी टैक्सियां उपलब्ध कराएगी. पिछले महीने के मध्य में स्लोवाकियन कंपनी एयरोमोबिल दुनिया की पहली फोर सीटर फ्लाइंग टैक्सी एएम नेक्स्ट की योजना पर से पर्दा उठा चुकी है, जो 2027 के शुरूआत से अपनी सेवाएं शुरू कर देगी.

इस काम को बढ़ावा और रफ्तार देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म अर्बन-एयर पोर्ट और हुंडई मोटर कंपनी द्वारा यूके, यूएस और ऑस्ट्रेलिया में फ्लाइंग टेक्सी हब डेवलप किया जा रहा है, जिसकी पहली साइट अगले साल की शुरुआत में इंग्लैंड में कोवेंट्री में लॉन्च की जा सकती है. फ्रांसीसी सिविल एविएशन अथॉरिटी, वोलोकॉप्टर जीएमबीएच, एयरबस एसई, वर्टिकल एयरोस्पेस ग्रुप लिमिटेड, लिलियम एनवी और जॉबी एविएशन जैसे एयरक्राफ्ट डेवलपर्स भी इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं. लैंडिंग और टेकऑफ जोन के रूप में इस तरह के एक हब का ट्रायल इस साल की शुरुआत में, पोनटोइज—कॉरमेल्लेज—एन—वेक्सिन में किया जा चुका है.

जहाँ तक भारत का सवाल है तो अमेरिकी कंपनी उबेर अगले पाँच सालों के भीतर इनमें भारत सहित जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और फ्रांस जैसे पाँच देशों में कम से कम एक—एक शहर में एयर टैक्सी सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है. जिसकी 300 किलोमीटर/घंटा होगी। इसमें पायलट के अलावा चार यात्रियों के बैठने का इंतजाम होगा, जिन्हें लेकर टैक्सी करीब दो हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरेगी. यह टैक्सी हेलिपैड से वर्टिकल लैंडिंग और टेकऑफ करेगी.

  • संदीप अग्रवाल

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