‘यूरोप का दिल’ चुराया दुबई ने

दुबई में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठा आकर्षण आकार ले रहा है. इस अजूबे का नाम है ‘हार्ट आॅफ यूरोप’. वस्तुत: यह एक ऐसा हार्टशेप द्वीप समूह है, जिसमें यूरोप के छह द्वीपों को एक हार्ट की शेप में संयोजित किया जा रहा है.

द्वीप पर्यटन में अपार संभावनाओं को देखते हुए दुबई में इससे पहले भी कई कृत्रिम द्वीपों को विकसित किया गया है. जिनमें द वर्ल्ड नामक कृत्रिम द्वीप समूह को उसकी रचनात्मक अवधारणा की वजह से काफी सराहा गया था. दुबई के उथले पानी से निकाले गए रेत से बने हुए इस आईलैंड प्रोजेक्ट को अगर ऊंचाई से देखा जाए तो यह विश्व की अनुकृति का विहंगम दृश्य प्रस्तुत करता है. नौ किलोमीटर लंबे और छह किलोमीटर चौड़े इस आईलैंड को विश्व के करीब तीन सौ महाद्वीपों के समूह के रूप में डिजाइन किया गया था, जिसे बनकर तैयार होने में लगभग एक दशक लगा था.

इसके पब्लिक के लिए खुलने के एक ही साल बाद 2014 में इसे डेवलप करने वाली कंपनी क्लेंडियन्स्ट ग्रुप ने हार्ट आॅफ यूरोप की घोषणा कर दी. इसमें अलग—अलग द्वीपों को उन पर मौजूद प्रमुख देशों की थीम पर डेवलप किया गया है. इसके अलावा इसके डेवलपर्स का दावा है कि इसमें आधा दर्जन ऐसे आकर्षण हैं, जो दुनिया में पहली बार होंगे. इनमें कृत्रिम बारिश वाली सड़कें, जिम और स्पा के साथ पहला अंडरवाटर होटल, पहली तैरते हुए पानी के भीतर रहने का अनुभव देने वाली सुविधा, पहला आउटडोर स्नो प्लाजा आदि प्रमुख हैं. यह दुबई के तट से दो किमी की दूरी पर है.
इसके पहले चरण को इस साल के अंत तक पब्लिक के लिए खोलने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य जारी है, जो कोविड—19 के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान भी नहीं थमा था.

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