अमरत्व की ओर?

दुनिया भर में लोगों की औसत उम्र बढ़ रही है. लेकिन, कई लोग औसत उम्र से भी डेढ़ गुना, यानि करीब सवा सौ साल तक जी जाते हैं. अभी तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा, 122 साल साढ़े पाँच महीने, जीने वाली एक फ्रेंच महिला जीन कैलमेंट मानी जाती हैं.

Image courtesy: Geralt(Pixabay)

हाल ही में वैज्ञानिकों ने टेलोमेरेज नामक एक जटिल थॉट एंजाइम की संरचना को डीकोड किया है, जिससे कैंसर के इलाज की नई दवा के साथ-साथ उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा या अवरुद्ध करने वाली दवाएं भी बनाई जा सकती हैं. वैज्ञानिकों ने खुशी जाहिर की है कि उम्र बढ़ने से रोकने के लिए थॉट एंजाइम को मैप करने के लिए उनकी बीस साल की मेहनत साकार हई है. अध्ययन के दौरान पौधों, जानवरों और मनुष्यों की उम्र ढलने से रोकने पर काम किया गया था, जिसके नतीजे उत्साहवर्धक रहे और अब इसके जरिए इंसानों की उम्र बढ़ाने में सफलता की उम्मीद की जा रही है.

अपने इस अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इस सदी के भीतर मनुष्य के जीवन को 130 साल पहुँचाया जा सकता है. हालांकि अभी एक लाख में से एक व्यक्ति के ही इतना अधिक जीने की संभावना बताई गई है. रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस जर्नल में प्रकाशित, मॉन्ट्रियल में एचईसी बिजनेस स्कूल के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन का उद्देश्य यह तय करना था कि आज मनुष्य जितना जीवन जी रहा है, क्या वह उससे भी ज्यादा जी सकता है.

अपने अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इटली के 3,800 से अधिक ऐसे लोगों का अध्ययन किया, जो 105 साल की उम्र पार चुके थे. अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला गया कि खराब जीन व स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण जो लोग मर गए, वे और अधिक जीवित रह सकते थे.

  • श्वेता अग्रवाल

Add Comment