इनोवेशन इंडिया!

इनोवेशन में पूरी दुनिया को बदल देने का माद्दा है. बावजूद इसके कि अभी भी बहुत सारे लोग इनवेंशन और इनोवेशन को भूलवश एक ही समझ लेते हैं, भारत में नवाचार (इनोवेशन) ने काफी लंबा सफर तय ​कर लिया है. देश भर में कोने—कोने से आए दिन ऐसी खबरें आती हैं कि आज फलां ने फलां चीज तैयार की, जिससे लोगों को, देश को, समाज को, दुनिया को फलां—फलां फायदा होगा.

Image courtesy: Geralt(Pixabay)

सुखद रूप से इन लोगों में तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत छात्र ही नहीं, बल्कि गैरतकनीकी विद्यार्थी और गैरविद्यार्थी सामान्य जन भी शामिल हैं, जो उम्र, ज्ञान और आर्थिक बाधाओं को धता बताते हुए नवाचार संस्कृति को समृद्ध कर रहे हैं और इस बात को साबित कर रहे हैं कि चीजों को आकार लेने के लिए किताबी ज्ञान हमेशा जरूरी नहीं है. बल्कि, अनभव, सहजबोध और दूरदृष्टि भी कई बार इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं.मौजूदा एनडीए सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए काफी योजनाएं बनाई हैं और इन पर गंभीरता से अमल भी किया है. सरकार और आमजन के इन साझा प्रयासों का ही नतीजा है कि 2015 में इनवोशन ग्लोबल इंडेक्स में 81 वें स्थान पर खड़ा भारत आज छह साल में 46वें स्थान पर आ पहँचा है. पिछले साल की तुलना में इसने रैंकिंग में दो अंकों की बढोत्तरी दर्ज की है.
आज ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रैंकिंग का 2021 संस्करण लॉन्च किया जा रहा है, जिसमें भारत लेटेस्ट एडिशन है. जीआईआई दुनिया भर की सरकारों के लिए अपने-अपने देशों में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों का आकलन करने का आधार है.
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रैंकिंग में निरंतर प्रगति के पीछे देश की विशाल ज्ञान संपदा,विविधतापूर्ण स्टार्ट-अप इकोसिस्टम आदि प्रमुख है. परमाणु ऊर्जा,विज्ञान और प्रौद्योगिकी,जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष आदि संबंधित संस्थानों ने देश के नवाचार कार्यक्रम को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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