सैर अजूबों की दुनिया की

जैक द क्लाॅक राइडर ऐसी किताब है, जिसे मैं कई साल से पढ़ना चाहता था. इसके कैची नाम और अटेक्ट्रिव कवर की वजह से भी और इसकी लेखिका खुशी सैफी से व्यक्तिगत परिचय की वजह से भी. हालांकि उन्होंने कभी ऐसा इसरार नहीं किया था कि मैं उनकी किताब पढ़ूं, लेकिन जाती तौर पर मेरा मानना है कि सभी राइटरों को एक-दूसरे की किताबें जरूर पढ़नी चाहिए. इसलिए इस किताब को न पढ़ पाने का रंज सालों तक बना रहा, जो अब जाकर दूर हुआ, जब फ्लाईविंग्स के सौजन्य से इस किताब का दूसरा संस्करण बाजार में आया.

पूरी किताब पढ़ने के बाद समझ में आया कि लोग सब्र के फल को मीठा क्यों बताते हैं. जैक द क्लाॅक राइडर के साथ भी कुछ ऐसा ही है. इस किताब में विज्ञान और तिलिस्म का एक बेहद खूबसूरत तालमेल बिठाते हुए कहानी को आगे बढ़ाया गया है. प्रो. कैन के चमत्कारी आविष्कारों से बर्फ की रानी मैडोना के जादुई चमत्कारों तक, हमें बार-बार इस खूबसूरती का एहसास होता चलता है.
कहानी जैक की है, जिसके पिता प्रो. कैन 14 साल से गायब हैं. वह उनकी तलाश में निकलता है, जिसमें उसका साथ देती है उसकी हमउम्र दोस्त क्रिस्टीन और शुरू होता है रहस्यों और करिश्मों भरा एक रोमांचक सफर, जिसमें पाठकों की उत्सुकता भी निरंतर जैक और क्रिस्टीन के साथ बनी रहती है. जैक के घर के गैरेज के पीछे बनी एक खुफिया लैब में लगी घड़ी के जरिए एक गुप्त दुनिया में प्रवेश से शुरू हुए इस सफर में एक से बढ़कर एक अजूबे हैं, बोलते पेड़, जीवित बर्फ की बूँदें, सभी सवालों का जवाब देने वाला मार्गदर्शक शीशा, अदृश्य कर देने वाला कोट, करंट मारने वाली छड़ी और उस पूरी दुनिया पर काबिज होने के मैडोना के खतरनाक मंसूबे, जो एक क्रिस्टल मिलने के बाद ही पूरे हो सकते हैं. और इसे उसकी बदकिस्मती कहें या उस दुनिया के वाशिंदों की खुशकिस्मती, इत्तेफाक से यह क्रिस्टल जैक के पास है, जिसे न सिर्फ अपने गुमशुदा पिता को वापस लेकर आना है, बल्कि उस दुनिया को मैडोना से भी बचाना है. छोटे-छोटे अध्यायों में बँटी, इस कहानी का हर अध्याय पढ़ने वाले की उत्सुकता को लगातार बढ़ाता जाता है, जिसे चरम पर पहुँचाते हैं बार-बार सामने आने वाले सरप्राइजिंग ट्विस्ट. पुस्तक में दिए गए आकर्षक रेखांकन, पाठकों के मजे को दोगुना कर देते हैं.
लेखिका खुशी सैफी की यह पहली ही किताब है, लेकिन डिटेलिंग्स और डाॅयलाॅग्स, दोनों में ही उनकी कल्नाशीलता और सृजनात्मक परिपक्वता का परिचय मिलता है. उनकी भाषा में जो नफासत है और कहानी की कन्ट्यूनिटी को उन्होंने जिस खूबसूरती से अंत तक सँभाले रखा, उसे देखते हुए नहीं लगता कि यह एक नए लेखक की रचना हो सकती है. बतौर लेखिका खुशी में बहुत संभावनाएं हैं और जैक का सफर इस किताब में भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उनका लेखन का सफर नहीं रुकना चाहिए.
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