लाइट हाउस की सैर

समंदर, बीच, क्रूज जैसे पर्यटन आकर्षणों में जल्द ही एक नई चीज का समावेश होने वाला है, यह है लाइट हाउस. यूं तो इनका मूल उद्देश्य जहाजियों को रात के अंधेरे में दिशाओं की जानकारी देने के लिए किया जाता है, लेकिन अब ये दिन में भी अपनी खूबसूरती से पर्यटकों का मन मोहेंगे.

सरकार की योजना है कि देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए लाइट हाउस भी ओपेन कर दिए जाएं. देश के लगभग साढ़े सात हजार किमी में फैले समुद्र तटीय क्षेत्रों में 1943 लाइट हाउस मौजूद हैं, जो टूरिज्म को बढ़ावा देने में एक उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं. ये लाइट हाउस बे आॅफ बंगाल, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे समुद्री इलाकों में मौजूद हैं.

इस योजना में देश के आइकॉनिक लाइट हाउसेज के आस पास पर्यटन से जुड़ी गतिविधियाँ बढ़ाने के उपायों और पर्यटन को विकसित करने की सभी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 100 साल से ज्यादा पुराने लाइट हाउसों की पहचान कर इनमें एक्वेरियम, बच्चों के खेलने की जगह, बगीचे और वॉटर बॉडीज जैसी चीजें जोड़ी जा सकती हैं. इसके अलावा एक म्यूजियम बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, जिसके जरिए पर्यटकों को लाइट हाउसों का इतिहास, ये कैसे काम करते हैं, इनके संचालन में क्या इक्पिमेंट इस्तेमाल किए जाते थे आदि के बारे में विस्तार से जानने का मौका मिलेगा. उम्मीद की जा रही है कि इससे पर्यटन के साथ—साथ इससे नई नौकरियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.

अभी तक डीजल या बिजली से चलने की वजह से ग्रीनहाउस इफेक्ट्स और प्रदूषण में बढ़ोत्तरी करते आ रहे इन लाइट हाउसों को सौर ऊर्जा से से परिचालित किया जाएगा.

सरकार की यह योजना लगभग चार साल पुरानी है, जिसमें एक बार फिर नए प्राण फूंकने की कोशिश की जा रही है. आशा है, इस बार यह योजना साकार हो जाएगी. उस समय जिंदगी नेक्स्ट ने इस बारे में एक खबर प्रकाशित की थी, जिसे आप यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

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