बिना पायलट के प्लेन!

ड्राइवरलेस कारों और ट्रेनों के बाद अब शायद पायलटलेस विमानों का दौर आने वाला है. बहुत सारे देशों में ड्राइवरलेस कारें सड़कों पर उतारी जा चुकी हैं और अपने प्रारंभिक परीक्षण में काफी उत्साहवर्द्धक नतीजें भी मिले हैं. कुछ जगहों पर मेट्रो ट्रेन भी बिना ड्राइवर के चलाई जा रही हैं. लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि कुछ देश पायलटलेस प्लेन चलाने के लिए पिछले चार—पांच साल से परीक्षण कर रहे हैं.

Image courtesy: Airbus

इसके लिए सेंसर टेक्नोलॉजी और कम्प्यूटिंग से कॉकपिट में मानव पायलट, खासकर सह-पायलट की जरूरत कम की जा रही है. एयरलाइन पायलटों पर हाल के एक सर्वे में पता चला है कि बोइंग 777 के पायलट केवल 7 मिनट और एयरबस के पायलट 3.5 मिनट ही मैन्युअल ऑपरेटिंग करते हैं. बाकी सब कम्प्यूटर और टेलकम्युनिकेशन के ​जरिए होता है.

2019 में अमेरिकी एयर फोर्स ने X-37B नामक एक पायलटलेस स्पेसप्लेन गोपनीय रूप से लॉन्च किया था, जो करीब 780 दिनों का रहस्यमय मिशन पूरा करने के बाद धरती पर लौटा. इस मिशन का खुलासा तब हुआ, जब इस विमान ने अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर पर सरप्राइज लैंडिंग की. 29 फीट लंबे और 9.6 फीट ऊंचे, 4990 किलो भार वाले इस प्लेन ने सोलर सेलों और लिथियम आयन बैटरी की मदद से करीब 320 किमी की ऊंचाई पर सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी.

जुलाई 2020 में फ्रांसीसी वायुयान उत्पादक एयरबस ने भी पायलट रहित विमान ए350—1000 एक्स्डब्ल्यूबी जेट के परीक्षणों की श्रंखला को सफलतापूर्वक पूरा किया और पाया कि यह प्लेन बिना किसी पायलट के, टेकआॅफ, टैक्सीइंग और लैंडिंग करने में सक्षम था. इस प्रोजेक्ट पर 2018 में काम शुरू किया गया था.

हालांकि अभी भी यात्री सेवाओं में इसका इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती ही होगा. बावजूद इसके कि अभी तक जितनी भी विमान दुर्घटनाएं हुई हैं, सभी में पायलट अपनी सीट पर हमेशा मौजूद रहा है, लोग एक अदृश्य ​आॅपरेटिंग सिस्टम से चल रहे विमान में शायद इतना सुरक्षित महसूस न करें, जितना कि एक मानव पायलट के होते हुए करते हैं. विशेषज्ञ भी विमानों को फुली आॅटमेटेड सिस्टम से चलाने के पक्ष में नहीं हैं. उनका मानना है कि भले ही विमान स्वचालित हो, लेकिन उसमें पायलट रहना चाहिए, क्योंकि मशीन भी गलतियां कर सकती है. ऐसे में किसी आपात स्थिति में अनुभव, सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के मामले में एक मशीन पर भरोसा करके बैठ जाना ठीक नहीं होगा.

  • उमर अख्तर रिजवी

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