नाम ही काफी है

2020 में जब सब कोरोना से परेशान थे, तो उसी दौरान जून—जुलाई में मेरी हिंदी नावेल जगत के कई फेमस और नए लेखकों से बातचीत हुई, बहुत नई किताबें खरीदीं, पूरे कोरोना पीरियड में कई अच्छी किताबें पढ़ने को मिली. उसी समय पहली बार संतोष पाठक जी से बात हुई, तब ऐसा लगा ही नही कि किसी अनजान व्यक्ति से बात कर रहा हूँ.

बातचीत के दौरान संतोष जी ने मुझसे एक सवाल पूछा कि मैंने उनकी कितनी किताबें पढ़ी हैं, मैंने कहा कि कत्ल की पहेली और हैरतअंगेज हत्या मेरे पास हैं पर पढ़ी नही अभी तक. इस पर उन्होंने बताया कि उस समय तक उनकी 14 किताबें आ चुकी हैं और उनको विश्वास है कि मैं उनकी एक किताब पढ़ने के बाद उनकी बाकी किताबें भी जरूर पढूंगा. उनके विश्वास को देखते हुए, मैंने उनके सुझाव पर “हैरतअंगेज हत्या” पढ़ी और उनके लिखने के स्टाइल से प्रभावित होकर कुछ दिनों बाद फिर फ़ोन किया और उनसे पूछा उनकी और कितनी किताबें अवेलेबल हैं. तब पता चला कि 14 किताबें है जिनमे से दो मेरे पास थी और बाकी 12 में से 10 किताब का एक साथ आर्डर दिया. शायद लाइफ में पहली बार 10 किताब एक साथ खरीदीं, जो पूरी तरह से पैसा वसूल साबित हुईं. और गर्व की बात है आज मेरे पास उनकी सभी किताबें हैं. ये एक लेखक का अपनी लेखनी पर विश्वास था, जिसने मुझे उनका फैन बना दिया. आज उनकी हर बुक मेरी बुकसेल्फ़ की शोभा बढ़ा रही है.

संतोष जी की पहली किताब 2017 में विक्रांत गोखले सीरीज की “अनदेखा खतरा” आई थी उसके बाद आशीष गौतम सीरीज की “आखरी शिकार” से शुरू हुआ उनका सफर आज भी सफलतापूर्वक जारी है. एजुक्रिएशन, सूरज पॉकेट बुक्स, बुक कैफ़े जैसे पब्लिकेशन से किताबें छपने के सिलसिला चल ही रहा था तब एक शानदार मोड़ उनके लेखकीय जीवन में जून 2019 में ‘कोहिमा कांस्पीरेसी’ के साथ आया, जब उनकी किताबें उनके ही मित्र और लेखक इकराम फरीदी के पब्लिकेशन थ्रिलवर्ल्ड से आना शुरू हुईं. फरीदी जी ने उनका पूरा सपोर्ट किया और चमत्कारिक तौर पर 2020 में, जब सब कोरोना से परेशान थे, तब संतोष जी की 10 किताबें आई और पाठकों ने खूब खूब पसंद कीं.
2021 में उनकी 6 किताबें साहित्य विमर्श पब्लिकेशन से और थ्रिलवर्ल्ड से 8 यानी एक साल में 14 किताबें आई, जो अपने आप में एक चमत्कार या कहें एक रिकॉर्ड ही है उपन्यास जगत में. संतोष जी की सभी किताबें किंडल पर उपलब्ध हैं और खूब चाव से पढ़ी जा रही हैं. उनकी लेटेस्ट किताब “कोन” पर तो 50 से ज्यादा रिव्यु किण्डल पर आ चुके, वो भी महीने भर में ही, साथ ही नई किताब “गद्दार” की बहुत तारीफ हो रही है.
संतोष जी की विक्रांत गोखले या आशीष गौतम सीरीज के बाद अश्विन पंडित, वंस वशिष्ठ, पार्थ सान्याल, सिद्धान्त सूर्यवंशी, विराट राणा और सबके चाहते विशाल सक्सेना यानी पनौती सीरीज ने पाठकों का खूब मनोरंजन किया है, वक्त के साथ बदलते हुए प्रिंट मीडिया के आशीष गौतम से न्यूज़ चैनल रिपोर्टर वंस वशिष्ठ का बदलाव भी लाजवाब रहा जो सबको पसंद आ रहा है.
वैसे तो उनकी सभी बुक खूब बिक रही है फिर भी ‘कत्ल की पहेली’ ‘ट्रैप’, ’10 जून की रात’, ‘तांडव’ जैसी किताब खूब चली और बिकी हैं. साथ ही विराट राणा सीरीज की छलावा और जब नाश मनुज पर छाता है ने लोगों का बहुत मनोरंजन किया.
संतोष जी सर्विस भी करते है जिसमे उन्हें अलग अलग शहर जाना पड़ता है फिर भी उनकी किताबें रेगुलर आती हैं या कहें हर महीने आती हैं.
आजकल एक नए राइटर की एक किताब आने पर उनकी दूसरी किताब आने काफी समय लग जाता है, उन हर नए लेखक के लिए संतोष पाठक एक शानदार उदाहरण हैं और इस बात का जीता जागता प्रमाण हैं कि अगर लेखक चाहे तो नोकरी करते हुए भी रेगुलर बुक लिख सकता है बशर्ते उसमे संतोष जी जैसा लिखने का जोश, जुनून और जज्बा होना चाहिए.
शुरुआत में सर सुरेंद्र मोहन पाठक जी से प्रभावित, संतोष पाठक जी ने शीघ्र ही अपनी खुद की एक नई राइटिंग स्टाइल डेवलप कर उपन्यास जगत में अपना एक अलग ही मुकाम बनाया है और किण्डल पर आज सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले लेखक बन गए हैं. संतोष जी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए खूब खूब शुभकामनाएं!

  • संजीव शर्मा, अधिवक्ता पुणे

23 thoughts on “नाम ही काफी है

  1. एक वर्ष में 14 पुस्तकें। अद्भुत है। मैं संतोष जी को प्रणाम करता हूँ।

  2. सन्तोष वास्तव में लेखकों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जिस हिसाब से वह निरन्तर लेखन कर रहे हैं उससे नये लेखको को सीखना चाहिए। सुंदर आलेख।

  3. बहुत सुन्दर लेख। संतोष पाठक की लेखनी लाजवाब है।

  4. बिल्कुल ,जिसने भी सन्तोष सर को पढ़ा, फिर उन्ही का होकर रह गया । और सन्तोष पाठक सर का कमाल ये के एक उपन्यास खत्म होने से पहले ही दूसरा प्रतीक्षा में ,और वो भी एक से एक लाजवाल ।

  5. संतोष पाठक जी के उत्कृष्ट लेखन का कम शब्दों में सटीक वर्णन। बेहद सुंदर तथा मानीखेज आलेख।💐💐

    1. संतोष जी हमारे मित्र हैं । पाठक साहब के योग्य उत्तराधिकारी हैं वे और कंवल शर्मा

  6. आदरणीय सन्तोष पाठक जी एक बढ़िया लेखक है, जिन्होंने नए पाठक बनाये है, आपकी तरह मेरे पास भी पूर्ण कलेक्शन है सर जी का।
    ऐसे ही सर लिखते रहे हम पढ़ते रहे

  7. BRAJESH KUMAR SHARMA

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    सन्तोष पाठक सर…हिन्दी क्राइम फिक्शन के पाठकों के लिए बस नाम ही काफी है। सर्वाधिक लोकप्रिय लेखकों में से एक।

  8. नृपेंद्र शर्मा

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    बहुत सुंदर लेख लिखा आपने आप जैसे गम्भीर पाठक ही लेखकों की प्रेरणा होते हैं।

  9. दिलशाद अली

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    संतोष जी उपन्यास जगत में बेहतरीन योगदान दे रहे हैं। समय के अभाव के कारण उन्हें पढ़ नही पाया। लेकिन जरूर पढूंगा। आपका लेख बढ़िया है। संतोष जी के योगदान के साथ आप भी पाठक तौर पर अपना भरपूर योगदान दे रहे हो। धन्यवाद आपको

  10. Anurag kumar Genius

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    मैने उनकी एक ही बुक पढ़ी है।एक बुक बीट मगवाई है। संतोष पाठक जी सच में एक बेहतरीन लेखक है।उनकी लिखने की रफ्तार कमाल की है। आपने बढ़िया लिखा सर।शुक्रिया।

  11. बहुत सुंदर लेख संजीव जी। दरअसल संतोष पाठक जी के नाम से मेरी वाकफियत पहले लॉकडाउन के दरम्यान ही हुई थी। मुझे भी काफी पढ़ने और लिखने का वक्त उन दिनों में ही मिल पाया था। उन दिनों मैं अपनी किताब ‘एक उड़ान इन लॉकडाउन’ लिख रहा था जब जनाब की किताब ‘मर्डर इन लॉकडाउन’ से मेरा परिचय हुआ जिसे मैंने किंडल पर पढ़ा भी। बाद में मैंने इनकी लिखी किताब कत्ल की पहेली पढ़ी और और इनकी लेखन शैली का मुरीद बन गया। आज इनसे मेरी जाती वाकफियत है और विस्तार से काफी मुद्दों पर चर्चा भी हुई है। संतोष पाठक जी एक प्रतिभासम्पन्न लेखक है। माता सरस्वती इनकी लेखनी को और भी बल प्रदान करे।

  12. अनिल पुरोहित

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    एक वर्ष में 14 किताबें? वाह! अभी तक कोई किताब पढ़ी नही है पर अब जरूर पढूंगा। सबसे अच्छी कौनसी किताबे हैं, नाम बता सकें तो मेहरबानी।संतोष जी को बधाई।

    1. वैसे सभी अच्छी हैं फिर 10 जून की रात माया मिली न राम ट्रैप कोहिमा कॉन्सपिरेसी तांडव प्रचंड सब बढ़िया है

  13. Undoubtly he is one of the best in the modern lineup of authors. He is a delight to read. And to be honest am really asked to see his speed of writing… Just can’t believe that he has arrived so fast.

    My buddy… Best wishes for future.

  14. संतोष पाठक जी एक बहुत ही अच्छे लेखक हैं । जिनका आज पूरे उपन्यास जगत में बहुत बड़ा नाम हैं।

  15. देवेन्द्र प्रसाद

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    वाकई संतोष पाठक जी हम जैसे पाठकों और लेखकों के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। इनकी निरन्तर लिखने की क्रिया का मैं कायल हूँ।

  16. शानदार लेख। संतोष पाठक जी कमाल के लेखक हैं। उनसे शुरुआती दौर से संपर्क में हूँ और उनकी सफलता देखकर बेहद खुशी होती है। बहुत बहित शुभकामनाएं।

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