क्वाइन से कंसोल तक

वर्ल्ड वीडियो गेम्स डे ( 12 सितंबर)

टेक्निकल लैंग्वेज में वीडियो गेम यानी एक ऐसा इलेक्ट्राॅनिक गेम जिसमें, टीवी स्क्रीन या कम्प्यूटर माॅनीटर जैसे वीडियो डिवाइस पर विज्युअल फीडबैक जेनरेट करने के लिए एक ह्यूमैन का एक यूजर इंटरफेस या प्लेटफाॅर्म पर इंटरेक्शन इन्वाॅल्व होता है. कुछ पल्ले नहीं पड़ा ना? तो फिर टेक्निकलर लैंग्वेज में सुनिए, वीडियो गेम एक ऐसी चीज है, जो आपको एंटरटेन करते हुए आपको फेंटेसीज की ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहाँ आप ऐसे-ऐसे हीरोटिक कारनामे कर डालते हैं, जो रीयल लाइफ में शायद की कोई कर पाए… यह तो हुई डेफिनेशन, अब जानिए कुछ और इंटरेस्टिंग बातें, वीडियो गेमों के बारे में…

Image courtesy: Alexas_fotos(Pixabay)

इलेक्ट्रानिक डिवाइस (कैथोड रे ट्यूब अम्यूजमेंट डिवाइस) पर सबसे पहला गेम थाॅमस टी. गोल्डस्मिथ जूनियर ने इन्वेंट किया था, जिसके लिए उन्होंने 25 जनवरी 1947 को पेटेंट एप्लिकेशन फाइल की थी.
पहला कमर्शियल और क्वाइन आॅपरेटेड वीडियो गेम था 1971 का कम्प्यूटर स्पेस, जिसे नोलेन बुशनेल और टेड डेबनी ने क्रिएट किया था. इसमें डिस्प्ले के लिए ब्लैक एंड व्हाइट टीवी का यूज किया जाता था.
वर्ल्ड वाइड वीडियो गेम इंडस्ट्री की वैल्यू अप्रोक्सिमेट 74 बिलियन डाॅलर है.
अभी तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाला गेम वर्ल्ड आॅफ वारक्राफ्ट है, जिसने टेन बिलियन डाॅलर की कमाई की.
टू थर्ड आॅफ अमेरिकन हाउसहोल्ड्स वीडियो गेम खेलते हैं, जिनमें 60 पर्सेंट मेल हैं और 40 पर्सेंट फीमेल.
आज भी खेले जा रहे गेम्स में प्राॅबेबली ‘मारियो ब्रदर्स’ ओल्डेस्ट है. उसे यह नाम इसकी डेवलपर कंपनी निन्तेंदो के पहले वेयरहाउस के लैंडलाॅर्ड मारियो सीगल के नाम पर दिया गया था. हालांकि ओरिजिनली उसका नाम मि.वीडियो गेम था. मारियो 120 से ज्यादा वीडियो गेम्स में मौजूद है.मारियो एट्टीज में इतना पाॅपुलर था कि पैरेंट्स ज्यादातर बच्चों का नाम मारियो रख देते थे.पैकमैन को इसके डिजाइनर तोरू इवातानी ने उस वक्त इन्वेंट किया था, जब वह पिज्जा खा रहा था.
मेगामैन को जापान में राॅकमैन के नाम से जाना जाता है, अमेरिका आने पर उसे राॅकमैन की जगह मेगामैन का नाम दिया गया. अटारी एक जापानी वर्ड है, जिसका मीनिंग है-सक्सेज. 1990 में आए गेम गोल्डन एक्स में सभी आवाजे उन प्रिजनर्स की थीं, जिन्हें डेथ सन्टेंस मिली हुई थी. सोनी का प्ले स्टेशन ओरिजिनली निन्तेंदो कंसोल के नाम से निन्तेंदो और सोनी का ज्वाइंट वेंचर था, लेकिन बाद में निन्तेंदो का मूड चेंज हो जाने के बाद सोनी ने कंसोल को प्ले स्टेशन का नाम दिया.
सबसे ज्यादा बिकने वाले कंसोल प्लेस्टेशन 2 और निन्तेंदो डीएस बूथ हैं, दोनों की कुल मिलाकर 155 मिलियन यूनिट्स बिकी हैं. वीडियो गेम खेलने के लिए कई तरह के प्लेटफाॅर्म यूज किए जाते रहे हैं, जिनमें वीडियो गेम कंसोल, ट्रेडीशनल कम्प्यूटर, हैंडहेल्ड कम्प्यूटिंग डिवाइस, आर्केड आदि इन्क्ल्यूडेड हैं. लैपटाॅप, टैब, स्मार्टफोन और एक्सबाॅक्स, प्लेस्टेशन जैसी होम वीडियो गेम डिवाइसों की इजीली एवेलेबिलिटी ने आर्केड गेम्स, जो एट्टीज में काफी पाॅपुलर थे, को चलन से लगभग बाहर कर दिया है. वैरिएशन और कंटेन्ट के बेस पर वीडियो गेम की बहुत सारी कैटेगरीज हैं, जिनमें कैज्युअल, एंटरटेनमेंट, एजुकेशनल, सीरियस प्रमुख हैं.

  • संदीप अग्रवाल

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