दिल्ली ब्लास्ट के बाद कोलकाता कॉलेज में बवाल, दीवारों पर लिखे नफरती संदेश
नई दिल्ली। देश की राजधानी में लाल किले के सामने हुए कार ब्लास्ट में विशेष समुदाय के डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं। सभी डॉक्टर मिलकर देश में बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इनका नाम उजागर होने के बाद कोलकाता विश्वविद्यालय में सनसनीखेज घटना घटी है।
दिल्ली ब्लास्ट के कुछ दिन बाद ही कोलकाता के एक विश्वविद्यालय पर समुदाय विशेष के लिए नफरत भरी बातें लिखने का मामला सामने आया है। कुछ लोगों ने विश्वविद्यालय की दीवारों पर हेट स्पीच से जुड़े नारे उकेरे हैं, जिसका कुछ लोग विरोध भी कर रहे हैं।
दीवारों पर लिखा नफरती संदेश
यह मामला कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान का है। कैंपस में स्थित ब्वॉयज हॉस्टल की दीवारों पर चॉक से लिखा है, "कुत्ते और मुस्लिम न आएं"। वहीं, कूड़ेदान पर लिखा गया, "मुस्लिमों के लिए सिर्फ यही जगह सही है।" इसके अलावा सीवी रमन हॉल के दरवाजे पर लिखा गया, "मुस्लिमों को अंदर आने की अनुमति नहीं है।"
कैंपस में विरोध प्रदर्शन
कैंपस में लगे इन नारों के खिलाफ कई लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। इसमें कुछ अभ्यार्थी भी शामिल हैं। उनका कहना है, "अपनी धार्मिक नफरत को यहीं फेंक दो" हॉस्टल के मुख्य द्वार पर संविधान का अनुच्छेद 15 लगाया गया है।
बता दें कि अनुच्छेद 15 धर्म, जाति, लिंग, रंग और जन्मस्थल के आधार पर भेदभाव करने के खिलाफ एक मौलिक अधिकार है। विरोध प्रदर्शन करने के अलावा कई छात्रों ने 13 नवंबर को डीन से भी इसकी शिकायत की। डीन बिस्वब्रत प्रधान ने छात्रों की मांग पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।
डीन ने दी चेतावनी
बिस्वब्रत प्रधान का कहना है, "संस्थान इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है। एक विशेष समुदाय के दिल को ठेस पहुंचाने के आरोप में कॉलेज प्रशासन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।"
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