सोना-चांदी में हल्की गिरावट, लेकिन वैश्विक तनाव से सेफ-हेवन मांग बरकरार
नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली और तकनीकी कंसोलिडेशन के बीच सोमवार, 9 मार्च 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण इन कीमती धातुओं को निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
घरेलू और वैश्विक बाजार में सोने के भाव
भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है, जिसमें पिछले दिन के मुकाबले 10 रुपये की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। वहीं आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास है। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार की बात करें तो, इस महीने की शुरुआत में $5,400 की ओर तेज रैली करने के बाद अब सोना कुछ ठंडा पड़ा है और $5,172.82 प्रति औंस के स्तर पर स्थिर होने का प्रयास कर रहा है।
चांदी में भी सुस्ती
सोने की तर्ज पर चांदी की कीमतों में भी हल्का करेक्शन आया है। घरेलू बाजार में एक किलोग्राम चांदी का भाव 100 रुपये गिरकर 2.84 लाख रुपये आ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर चांदी $84.37 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
महानगरों में आज का भाव
स्थानीय टैक्स और लॉजिस्टिक्स के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है:
- दिल्ली: 24 कैरेट सोना ₹1,63,800 प्रति 10 ग्राम | चांदी ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम।
- मुंबई: 24 कैरेट सोना ₹1,63,640 प्रति 10 ग्राम | चांदी ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम।
- चेन्नई: 24 कैरेट सोना ₹1,64,180 प्रति 10 ग्राम | चांदी ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम।
बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक
- मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल से जुड़े घटनाक्रमों के कारण निवेशकों का रुझान 'सुरक्षित निवेश' के तौर पर सोने-चांदी की तरफ बना हुआ है।
- औद्योगिक मांग: चांदी को न सिर्फ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) सेक्टर से मिल रही मजबूत औद्योगिक मांग भी इसकी कीमतों को सपोर्ट दे रही है।
- टैक्स और लोकल फैक्टर: घरेलू खरीदारों को सोने और चांदी की कुल वैल्यू पर 3% वस्तु एवं सेवा कर चुकाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, आभूषणों की खरीदारी पर डिजाइन और ब्रांड के आधार पर 5% से लेकर 35% तक मेकिंग चार्ज भी लागू होते हैं।
अब आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी दोनों में मौजूदा समय में तकनीकी कंसोलिडेशन का दौर चल रहा है और हालिया गिरावट एक सीमित दायरे में है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए, डिजिटल गोल्ड या गोल्ड/सिल्वर ईटीएफ के जरिए एसआईपी का विकल्प बाजार की इस अस्थिरता को प्रबंधित करने के लिए एक कारगर रणनीति साबित हो सकता है। जब तक वैश्विक कूटनीतिक हालात और ब्याज दरों पर अनिश्चितता के बादल नहीं छंटते, कीमती धातुओं में यह मजबूती बने रहने की संभावना है।
गणित को खेल-खेल में रोचक और आसान बनाया जा सकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CJI सूर्यकांत ने ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर जताई नाराजगी, युवाओं को गुमराह करने की कोशिश का आरोप
दो साल में 584 मौतें, महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों को लेकर सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
अरुण साव ने तिरंगा यात्रा में लिया आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प, स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
टोक्यो में भारी बारिश से बाढ़ का कहर, चार लोगों की मौत; एक लापता
फूलों की बारिश और 21 तोपों की सलामी, लाल किले पर ऐसे मनेगा स्वतंत्रता दिवस
मनन कुमार मिश्रा पर सौरव दास के गंभीर सवाल, BCI फंड से लेकर NALSAR तक मुद्दा
Independence Day पर दिल्ली में घूमने का प्लान? ये 10 जगहें हैं परफेक्ट
AAP छोड़ने के बाद हरभजन सिंह ने साधा निशाना, पंजाब में ड्रग्स समस्या पर सरकार से सवाल