पाक-भारत तनाव ने रोकी प्रेम कहानी, 12 साल बाद मिलने की उम्मीद टूटी
भारत-पाक सरहद पर इन दिनों पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से तनाव है. केंद्र सरकार भारत से सभी पाकिस्तानियों को वापस भेजा जा रहा है. वहीं, भारतीय लोग भी अब पाकिस्तान नहीं जा पा रहे. इस तनाव का असर, मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी एक युवक की निजी जिंदगी पर भी पड़ा है. पेशे से हार्डवेयर इंजीनियर 34 साल के ओवैज खान अपनी बीवी को पाकिस्तान से नहीं ला पा रहे.
कोहेफिजा के ओवैज खान अपनी पाकिस्तानी पत्नी हिरा को लाने 9 मई को कराची जाने वाले थे. लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सीमा पर आवाजाही बंद होने से उनका वीजा रद्द हो गया. 9 मार्च 2024 को ओवैज का हिरा के साथ ऑनलाइन निकाह हुआ था. 38 साल की हिरा कराची में रहती है. उसके माता-पिता का निधन पिछले साल हो गया.
ओवैज ने बताया, हिरा की ननिहाल भोपाल में है. वह रिश्तेदारों से मिलने आती थी. पहली बार दोनों की मुलाकात साल 2009 में भोपाल में हुई थी. पहली ही नजर में ओवैज को हिरा से प्यार हो गया था. फिर वह पाकिस्तान वापस चली गई. ओवैज ने कहा- हम 2013 के बाद से नहीं मिले. पाकिस्तान से आने की अनुमति नहीं मिली तो ऑनलाइन निकाह पढ़ा. उम्मीद थी, कुछ दिन में हम मिल सकेंगे. अजीब इत्तेफाक है कि पुलवामा हमले का भी असर हमारे प्रेम संबंधों पर पड़ा था. उस वक्त भी ऐसी ही परिस्थिति पैदा हुई थी. और एक बार फिर ऐसा हो रहा है.
26 मई को खत्म हो रहा वीजा
इंजीनियर ओवैज ने बताया, परंपरा के अनुसार, निकाह के लिए हिरा और उनका परिवार भारत आ रहा था. तभी पुलवामा हमला हुआ और वीजा रद्द हो गया. अब पासपोर्ट में पति का नाम दर्ज कराने से लेकर दूतावास तक सभी दस्तावेज सही हुए तो ये त्रासदी हो गई. मेरे वीजा की वैधता 26 मई को खत्म हो रही है. अमृतसर-लाहौर ट्रेन में टिकट बुक की थी. 9 मई को उन्हें वाया लाहौर कराची जाना था.
एक्शन में सीएम मोहन यादव: अचानक खरगोन के गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचे, व्यवस्थाओं को देख अधिकारी रह गए हैरान
मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह
सिर पर पानी की बाल्टी, जान जोखिम में डालकर सड़क पार
अखंड प्रचण्ड पुरुषार्थी आशीष ऊषा अग्रवाल
फुलकोड़ो प्राथमिक शाला में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित
ग्वालियर में ‘दा वन हाई परफॉर्मेंस सेंटर’ का भव्य उद्घाटन
एम्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र से कहा- 'गर्भपात के पुराने नियमों में अब बदलाव की जरूरत'
छत्तीसगढ़ में गैर-बासमती चावल निर्यातकों को टैक्स में छूट
Sudha Chandran ने Premanand Maharaj से की मुलाकात