टुकड़ों में हो रही बारिश, कहीं बरसे तो कहीं तरसाए बादल
जागरण संवाददाता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। पूर्वी जिलों में शुरू हुई बरसात का असर लखनऊ में भी दिखने लगा है। बुधवार को सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए तो लोगों में वर्षा की उम्मीद जगी, लेकिन दोपहर में बयार चली तो आसमान पर छाए काले बादल गायब हो गए।
गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप ने उमस और गर्मी बढ़ा दी, लेकिन दोपहर बाद बादलों की आवाजाही के बीच कई इलाकों में बारिश ने बड़ी राहत दी। हजरतगंज और आसपास के क्षेत्रों में बादल जमकर बरसे, पर गोमतीनगर में सिर्फ बूंदाबांदी तक ही सीमित रहा। जिले में इस बार वर्षा टुकड़ों में हो रही है। अब तक लखनऊ में एक समान वर्षा देखने को नहीं मिली है।
मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार से रविवार तक प्रदेशभर में भारी बरसात की संभावना है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, टुकड़ों में हो रही बारिश का मतलब यह है कि अभी तक लखनऊ में मानसून का प्रवेश नहीं हुआ है।
प्री-मानसून थंडर सावर का दौर चल रहा है, जो कि स्थानीय होता है। इसमें एक साथ पूरे शहर में वर्षा नहीं होती है। प्री-मानसून थंडर सावर में इलाके के हिसाब से बादल बरसते हैं। मानसून गुरुवार को बिहार के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच चुका है। इसमें तेजी से वृद्धि हो रही है।
राजधानी में शुक्रवार से शनिवार तक कभी भी मानसून प्रवेश कर सकता है। मानसून के पहुंचते ही जिले के संपूर्ण इलाकों में झमाझम बरसात होगी। पूर्वांचल के सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर, प्रयागराज, देवरिया, गोरखपुर और आसपास के जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
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