तालाब में बना आरामगाह! युवक का अनोखा जुगाड़, सुख-सुविधा संग तैरता रहा पानी में
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना में सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह राजपूत ने नशा मुक्ति का संदेश देने के लिए एक अनोखा और दुर्लभ तरीका अपनाया. उन्होंने कमलाबाई तालाब में घंटों तक जल योग कर सभी को चौंका दिया. इस दौरान वे करीब 20 फीट गहरे पानी की सतह पर ऐसे लेटे दिखे जैसे किसी बिस्तर पर विश्राम कर रहे हों. इस दौरान उन्होंने कई प्रकार की क्रियाएं भी की. उनका यह प्रदर्शन स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत किया गया.
जल पर लेटकर लिखा नशा मुक्ति पर निबंध
संजय सिंह ने पानी की सतह पर लेटकर न केवल शरीर का अद्भुत संतुलन दिखाया, बल्कि कई क्रियाएं भी कीं. उन्होंने जल में तैरते हुए कलम से निबंध लिखा, मोबाइल फोन से वीडियो कॉल पर दोस्तों से बात की, अपना वीडियो रिकॉर्ड किया और अखबार भी पढ़ा. यह सब उन्होंने बिना किसी सहारे के किया, जिससे वहां मौजूद लोग इस अद्भुत कला को देखकर हैरान हो गए. संजय सिंह के इस जलयोग का मकसद लोगों को नशा मुक्ति की तरफ प्रेरित करना था.
120 किलो वजन के बावजूद दिखाया असाधारण संतुलन
संजय सिंह राजपूत ने ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में बताया कि "वे पिछले 17 वर्षों से जल योग कर रहे हैं. पहले उनका वजन 50 किलो था, लेकिन अब यह बढ़कर 120 किलो से अधिक हो चुका है. इसके बावजूद उन्होंने पानी की सतह पर खुद को इतने अच्छे से संतुलित रखा मानो वे पीपल के पत्ते की तरह तैर रहे हों." उनका यह संतुलन देखने लायक था और उन्होंने बताया कि योग और ध्यान से यह संभव हो सका है.
इस दौरान उन्होंने लोगों को नशा मुक्ति का संदेश देते हुए कहा, "लोगों को नशा नहीं करना चाहिए. इससे कई प्रकार की और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. नशा करने वाला व्यक्ति अक्सर घरेलू हिंसा भी करता है जिससे परिवार बर्बाद हो जाता है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस लत से दूर रहें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं."
जल योग क्या है?
जल योग, योग का ही एक विशेष रूप है, जिसमें योगासनों और ध्यान की क्रियाएं पानी में की जाती हैं. इसमें व्यक्ति पानी की सतह पर तैरते हुए या डूबने से बचे रहकर संतुलन बनाते हुए शारीरिक और मानसिक नियंत्रण का अभ्यास करता है. यह योग न केवल फिटनेस के लिए बल्कि मानसिक शांति, तनाव मुक्ति और आत्म-संयम के लिए भी किया जाता है.
हालांकि जल योग करने के दौरान कई चीजों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण आपको तैरना आना चाहिए और सांसों पर नियंत्रण होना चाहिए. अगर आपको तैरना न आता हो तो इसको करने का प्रयास भी करना जानलेवा साबित हो सकता है. इसलिए बिना उचित गाइडेंस के इसको करने का प्रयास न करें.
डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
पहलगाम बरसी से पहले सख्त चेतावनी, इंडियन आर्मी का कड़ा रुख
Madhya Pradesh High Court सख्त: इंदौर ट्रैफिक पर मांगा जवाब
मन्नत पूरी, फिर मातम: मंदिर से लौटते समय हादसे में महिला की मौत
हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करता है कच्चा प्याज
Amit Shah का बड़ा बयान: “दीदी को हटाने का समय आ गया”
Tej Pratap Yadav के बयान से मची हलचल, बोले- कभी भी टूट सकती है Rashtriya Janata Dal
DRDO का बड़ा कदम: AI सैटेलाइट ‘प्रज्ञा’ से मजबूत होगी देश की सुरक्षा
मैथ्यू हेडन का कड़ा रुख: 99 रन की हार को बताया 'अस्वीकार्य', बल्लेबाजों की मानसिकता पर उठाए सवाल।