इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, महिलाओं में कैंसर का समय रहते इलाज संभव
नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का सही तरीके से ख्याल नहीं रख पा रहे हैं। इससे उन्हें कई तरह की बीमारियों का खतरा होता है। आज के समय में कैंसर एक आम समस्या बन गई है। खराब खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण ये बीमारी बढ़ती जा रही है। कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। अगर समय रहते इनके लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इलाज में आसानी हो सकती है। वहीं कुछ ऐसे भी कैंसर हैं जो महिलाओं में आम होते हैं। आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। हम आपको महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही उनके खतरे को कम करने के तरीकों पर भी बात करेंगे। आइए जानते हैं विस्तार से -
ब्रेस्ट कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर, महिलाओं में सबसे आम है। हर 8 में से 1 महिला को अपनी लाइफ में कभी न कभी इनवेसिव ब्रेस्ट कैंसर से गुजरना पड़ता है। ये किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है। कुछ महिलाओं में ये जेनेटिक होता है। हर महिला को इसके खतरे और बचाव के तरीकों के बारे में पता होने चाहिए।
लक्षण
- ब्रेस्ट में गांठ महसूस होना
- निप्पल से खून या दूध के अलावा कोई फ्लूड निकलना
- ब्रेस्ट की स्किन का लाल हाेना
क्या करें?
- नियमित जांच करवाएं।
- 40-44 साल की महिलाएं चाहें तो हर साल मेमोग्राफी शुरू कर सकती हैं।
- 45-54 साल की महिलाओं को हर साल मेमोग्राफी करवानी चाहिए।
- 55 साल से ऊपर की महिलाएं हर 2 साल में या हर साल जांच करवा सकती हैं।
कोलोरेक्टल कैंसर
ये कैंसर लार्ज इंटेस्टाइन में शुरू होता है। फिजिकल एक्टिविटी में कमी, रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट खाना, मोटापा, स्मोकिंग और शराब पीने से इसका खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में ये जेनेटिक हो सकता है।
लक्षण
- पेट में लगातार दर्द होना
- मल से खून आना
- तेजी से वजन का कम होना
क्या करें?
- 45 साल से नियमित जांच शुरू कर दें।
- 75 साल तक जांच जारी रखें।
लंग कैंसर
महिलाओं में ये दूसरा सबसे आम कैंसर है और मौत का सबसे बड़ा कारण भी है। इससे बचने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है। जैसे स्मोकिंग और एल्कोहल से दूरी बनाना बहुत जरूरी है।
लक्षण
- लंबे समय तक खांसी होना
- खांसी में खून आना
- सांस लेने में तकलीफ होना
क्या करें?
- स्मोक न करें।
- बाकी के धुएं से भी बचें।
- जहरीले केमिकल के संपर्क में आने से बचें।
सर्वाइकल कैंसर
इसके लगभग सभी मामले HPV वायरस से होते हैं, जो स्किन टू स्किन संपर्क से फैल सकता है।
लक्षण
- ज्यादा ब्लीडिंग होना
- पीरियड साइकिल के बीच ब्लीडिंग
- सेक्स के दौरान दर्द होना
क्या करें?
- 9-12 साल की उम्र में HPV वैक्सीन लगवाएं।
- 25 साल की उम्र से जांच शुरू करें।
ओवेरियन कैंसर
ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे खतरनाक कैंसर में से एक है। इसका खतरा 35 साल की उम्र में बढ़ता है और 55-64 साल तक खतरनाक हो जाता है। साथ ही पारिवारिक इतिहास भी इसका सबसे बड़ा कारण है।
लक्षण
- पेट फूलना
- भूख न लगना
- पेट या पेल्विक में दर्द
- बार-बार पेशाब की इच्छा
स्किन कैंसर
ये सबसे आम कैंसर है। जो सूरज की UV किरणों या टैनिंग बेड से होता है।
लक्षण
- त्वचा पर नई गांठ बनना
- त्वचा पर अचानक कोई नया निशान आना
- घाव का देर से भरना
क्या करें?
- सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धूप में जाने से बचें।
- SPF 30+ सनस्क्रीन लगाएं और हर 2 घंटे में दोबारा लगाएं।
- फुल स्लीव्स के कपड़े पहनें और UV प्रोटेक्शन वाले चश्मे पहनें।
- हर महीने जांच कराएं।
कैंसर से बचाव के आसान तरीके
- स्मोकिंग से दूर रहें।
- रोजाना एक्सरसाइज करें।
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज खाएं।
- प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट और मीठा खाने से परहेज करें।
- शराब न पिएं।
- धूप से स्किन को बचाकर रखें।
- समय-समय पर जांच और स्क्रीनिंग कराएं।
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