बाबा बागेश्वर ने बताया- कैसा जीवनसाथी चुनें, कैसा हो पति-पत्नी का रिश्ता
छतरपुर: देश के जाने माने कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर पति-पत्नी के बिगड़ते रिश्तों पर चिंता जताई है. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया "पति-पत्नी का रिश्ता कैसा होना चाहिए और रिश्ता मजबूत कैसे होगा." उन्होंने बताया "आज के दौर में कैसा जीवनसाथी चुनना चाहिए. आज लोग सुंदरता को प्राथमिकता देते हैं, जबकि समझदारी लंबे रिश्तों का आधार है. समझदार साथी चुनने से जीवन का सफर लंबा और सुखद होगा."
वर्तमान में घट रही घटनाओं पर चिंता जाहिर की
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है "वर्तमान में कैसी-कैसी खबरें सामने आ रही हैं. आखिर हमारा समाज कहां जा रहा है. पति-पत्नी के बीच का रिश्ता भरोसे का होता है लेकिन ये भरोसा खत्म हो रहा है. विवाह के समय सात जन्मों तक साथ निभाने के वचन लिए जाते हैं, लेकिन आज ये वचन कहीं खो गए हैं. आजकल लोग सुंदरता पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि समझदारी की अहमियत कम हो गई है."
केवल सुंदरता ही सब कुछ नहीं
धीरेन्द्र शास्त्री ने समझाया "सुंदरता जरूरी है, लेकिन समझदारी उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है. यदि कोई व्यक्ति समझदार हो तो वह जीवन के सफर को लंबा और मजबूत बना सकता है. सिर्फ सुंदरता के आधार पर रिश्ता बनाया जाए तो वह रिश्ता कुछ समय बाद टूट सकता है. इसलिए जीवनसाथी चुनते समय केवल सुंदरता को न देखें."
सामाजिक कुरीतियों पर खुलकर बयान
उल्लेखनीय है कि बाबा बागेश्वर हिंदू-सनातन के मुद्दों के साथ ही सामाजिक कुरीतियों को लेकर भी लगातार बयान देते हैं. उनकी कथा में भी समाज में घट रही घटनाओं और उनसे सबक लेने की नसीहत दी जाती है. संस्कारवान लोग ही समाज और देश को उन्नति की ओर ले जा सकते हैं.
राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण