निवेशकों का रुझान बदला! सोने की ओर बढ़ी दिलचस्पी, इक्विटी फंड से दूरी
व्यापार: इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश सितंबर, 2025 में मासिक आधार पर 8.90 फीसदी की गिरावट के साथ 30,421.69 करोड़ रुपये रह गया। यह लगातार दूसरा महीना है, जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश घटा है। इसकी प्रमुख वजह घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों का सतर्क होना है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगातार 55वें माह शुद्ध निवेश आया है।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 21.70 फीसदी घटकर 33,430.37 करोड़ रुपये रहा था। जुलाई में 81.04 फीसदी बढ़कर 42,702.35 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेशकों ने पिछले महीने 8,363.13 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह अगस्त के 2,189.51 करोड़ से 282 फीसदी अधिक है। यह बताता है कि कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बावजूद सोने में निवेशकों का रुझान बना हुआ है। म्यूचुअल फंड उद्योग की प्रबंधन के अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 75.12 लाख करोड़ से बढ़कर सितंबर में 75.61 लाख करोड़ हो गईं।
एसआईपी : 28,265 करोड़ का निवेश
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश पिछले महीने चार फीसदी बढ़कर 29,361 करोड़ पहुंच गया। अगस्त में यह 28,265 करोड़ रुपये था। फोलियो की संख्या 25 करोड़ के पार 25.19 करोड़ पहुंच गई, जो अगस्त में 24.89 करोड़ थी। एसआईपी में निवेश बीते नौ वर्षों में आठ गुना बढ़ा है। अगस्त, 1996 से अगस्त, 2025 के बीच एसआईपी ने अधिकतम 55.6 फीसदी और न्यूनतम -24.6 फीसदी रिटर्न दिया है। औसत रिटर्न 14-16 फीसदी रहा है।
फ्लेक्सी कैप फंड्स का सबसे अधिक योगदान
इक्विटी श्रेणियों में सबसे अधिक योगदान फ्लेक्सी कैप फंड्स का रहा, जिसमें 7,029 करोड़ का निवेश आया। मिडकैप में 5,085 करोड़ रुपये, स्मॉलकैप में 4,363 करोड़ और लार्जकैप फंड्स में 2,319 करोड़ रुपये का निवेश आया। निवेशकों ने ओवरनाइट फंडों में 4,279 करोड़ रुपये का निवेश किया। हाइब्रिड स्कीम में भी निवेश बढ़कर 9,397 करोड़ रुपये पहुंच गया।
डेट से 1.02 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी
- डेट श्रेणी में 1.02 लाख करोड़ की भारी निकासी हुई। अगस्त में भी 7,980 करोड़ निकाले गए थे। जुलाई में 1.06 लाख करोड़ का निवेश आया था।
- लिक्विड फंडों से 66,042 करोड़ की निकासी हुई। अगस्त में यह 13,350 करोड़ थी।
- निवेशकों ने ईएलएसएस से भी 308 करोड़ रुपये की सितंबर में निकासी की।
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