9 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 8 जनवरी तक दर्ज होंगी आपत्तियाँ
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के कार्यक्रम का ऐलान किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 27 अक्टूबर, मंगलवार को हुई प्रेस वार्ता में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उन राज्यों की सूची जारी की जहां SIR की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. जिन राज्यों में SIR होना है वहां की मतदाता सूची आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी गई है. सीईसी ने जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया का ऐलान किया है उसमें-उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात भी शामिल हैं. उपरोक्त पांच राज्यों में 28 अक्टूबर से तीन नंवबर 2025 तक प्रिटिंग और ट्रेनिंग होगी. इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक हाउस न्यूमेरेशन फॉर्म दिया जाएगा. फिर 9 दिसंबर 2025 को इलेक्टोरल रोल्स के ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा. आपत्ति और दावे दाखिल करने के लिए 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक का समय दिया जाएगा. इस दौरान 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज होगा. 7 फरवरी 2026 तक फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा.
हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एक बूथ पर एक परिवार के सभी लोगों का नाम होगा इससे मतदाताओं को सुविधा होती है. हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे. कुछ नए पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे जिसमें हाईराइज सोसाइटीज भी शामिल हैं.
1951 से 2004 तक 8 बार हो चुका है SIR
सीईसी ने कहा कि SIR का उद्देश्य योग्य मतदाता को शामिल करना, अयोग्य को सूची से बाहर करना. SIR दूसरे चरण में 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 1951 से 2004 तक 8 बार SIR हो चुका है. सभी राजनीतिक दलों ने अब तक मतदाता सूची में कमियों की शिकायत की थी.
BLO कम से कम 3 बार हर घर जाएंगे
उन्होंने कहा कि आज ही न्यूमेरेशन फॉर्म सभी मतदाताओं के लिए प्रिंट किया जाएगा. हर BLO कम से कम 3 बार हर घर जाएंगे. बाहर रहने वाले मतदाता ऑनलाइन भी EF भर सकते हैं. न्यूमेरेशन फॉर्म के समय किसी और डॉक्यूमेंट या फार्म भरने की जरूरत नहीं होगी. ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उसके बाद ड्राफ्ट सूची बनाई जाएगी जिनका EF वापस मिल जाएगा. जिन मतदाताओं की लिंकिंग नहीं हो पाएगी उनको नोटिस भेजा जाएगा जिस से वो अपनी जानकारी दे सके.
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