किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब घर बैठे मिलेगा खाद, जानिए कैसे?
MP Fertilizer Home Delivery: फसल की अच्छी ग्रोथ के लिए यूरिया, फास्फोरस बेस्ड और दूसरी अन्य तरीके की खाद की आवश्यकता होती है. फर्टिलाइजर की मदद से किसानों को फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है, इससे खाद्यान्न में भी बढ़ोतरी होती है. किसानों को खाद की कमी ना हो, इसके लिए राज्य सरकार नई पहल शुरू करने जा रही है. अब किसानों के घरों तक खाद की डिलीवरी की जाएगी.
तीन जिलों से शुरू होगी सुविधा
मध्य प्रदेश सरकार किसानों के लिए बड़ी सुविधा शुरू करने जा रही है. ई-टोकन खाद वितरण सिस्टम के तहत बुकिंग के दौरान होम डिलीवरी के लिए बुकिंग करा सकेंगे. इससे किसानों को महंगे किराये और ट्रांसपोर्ट से निजात मिलेगी. फिलहाल ये सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विदिशा, जबलपुर और शाजापुर में शुरू की जाएगी. जब इन जिलों में सुविधा सफल रहेगी, इसके बाद इसे अन्य जिलों में लागू किया जाएगा.
खाद की बुकिंग के दौरान किसान होम डिलीवरी का ऑप्शन चुन सकते हैं, जिसके लिए किसानों से न्यूनतम किराया लिया जाएगा. ये सुविधा डबल लॉक केंद्र (खाद भंडारण केंद्र) के पांच किमी के दायरे में स्थित गांवों में उपलब्ध रहेगी.
विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री का संसदीय क्षेत्र
पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिन तीन जिलों का चयन किया गया है. उनमें से एक विदिशा है जो केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है. यहीं से होम डिलीवरी के इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी. विदिशा जिला कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक के एस खपेड़िया ने बताया कि एक केंद्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांव चिन्हित कर भेजे जा चुके है. ये योजना जल्द ही शुरू की जा सकती है.
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण
राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश
अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ करें लागू : राज्यपाल पटेल
Rajnath Singh का SCO से पाकिस्तान को सीधा संदेश—आतंकवाद अब बर्दाश्त नहीं
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव, हवाई हमले में 75 घायल
चुनाव बाद पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं होगा: केंद्र ने अफवाहों पर लगाया ब्रेक
भारतीय जनता पार्टी पर दागी उम्मीदवारों का आरोप, तृणमूल कांग्रेस ने उतारे करोड़पति चेहरे
सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: राजा हिरदेशाह की गाथा अब स्कूलों में पढ़ाई जाएगी