आलीराजपुर में करोड़ों की लकड़ी तस्करी, गुजरात अधिकारियों की छापेमारी से हड़कंप
आलीराजपुर जिले में सामने आए करोड़ों रुपये की लकड़ी तस्करी के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है | फिल्म पुष्पा की तर्ज पर खैर की लकड़ी को गोदाम में डंप किया गया था. गुजरात के फॉरेस्ट अधिकारियों ने डंप किए गए लकड़ी के गोदाम पर छापेमारी की है. जांच में मिले संकेतों के आधार पर तस्करी से जुटाई गई रकम का उपयोग देश विरोधी गतिविधियों में होने की आशंका है |
कीमती लकड़ी को दूसरे राज्यों में पहुंचाया गया
सूत्रों के अनुसार, यह संगठित गिरोह सीमावर्ती क्षेत्रों से संचालित था | अवैध रूप से काटी गई कीमती लकड़ी को दूसरे राज्यों तक पहुंचाया गया, इस दौरान करोड़ों का लेन-देन किया गया | प्रवर्तन एजेंसियां (ED) बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और हवाला नेटवर्क की जांच कर रही हैं |
195 करोड़ का है मामला
बताया जा रहा है कि गोधरा निवासी मोहन ताहिर से जुड़ा मामला करीब 195 करोड़ रुपये का है | जिस पर ED ने केस दर्ज किया है. आलीराजपुर निवासी मैनेजर अलिफ मकरानी से पूछताछ हो चुकी है. गिरोह संचालन का आरोप गोधरा निवासी मुस्ताक आदम तकिया पर है | वन विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई जारी है. जांच पूरी होने पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं. साल 2024 में गुजरात वन विभाग के द्वारा गोदाम को सील किया गया थाऑ वहीं गुजरात राज्य के फॉरेस्ट अधिकारीयों की ओर से आए वकील ने बताया की इस पुरे खेल में आलीराजपुर के फारेस्ट अधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है |
राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण