माघ मेला में पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया - सीएम योगी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माघ मेला में पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया, जबकि अनुमान केवल 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का था। मुख्यमंत्री ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करने के बाद यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, फिर माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान संपन्न होंगे। पूरे आयोजन के लिए सभी विभागों ने व्यापक तैयारियां की हैं। इस वर्ष माघ मेला के लिए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है। साथ ही, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है और भीषण शीतलहर से बचाव के उपाय किए गए हैं।
प्रयागराज के दारागंज में जिस स्थल पर भगवान रामानंदाचार्य जी प्रकट हुए थे, वहां उनका स्मारक और मंदिर बनाने में सरकार सहयोग करेगी। रामानंदाचार्य ने समाज को जोड़ने के लिए अलग-अलग जातियों से द्वादश शिष्य (अनंताचार्य जी, कबीर दास जी, सद्गुरु रविदास जी, सदगुरु पीपा जी, सुरसुरानंद जी, सुखानंद जी, नरहर्यानंद जी, योगानंद जी, भावानंद जी, धन्ना जी, सैन जी और गैलवानंद जी महाराज) बनाए।
उन्होंने कहा कि रामानंद परंपरा से निकलीं अलग-अलग धाराएं आज भी समाज को जोड़ती हैं। इस मंच पर अनेक परंपरा के संतों की उपस्थिति सनातन धर्म की एकता का उद्घोष कर रही है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ‘मोटर नौका में बैठकर संगम पहुंचे। उन्होंने नौका से ही यमुना नदी में कलरव कर रहे पक्षियों को दाना भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने संगम स्नान करने के बाद त्रिवेणी संगम का पूजन-अर्चन किया और मां गंगा की आरती उतारी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया और इसके बाद वह बड़े हनुमान मंदिर गए जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की।
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