एमपी विधानसभा के बजट सत्र में हाई अलर्ट,परिसर में अंगरक्षकों की एंट्री पर रोक
भोपाल। सोमवार से शुरू हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती देखने को मिलेगी. मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव करते हुए विधायकों के वाहनों के लिए साल में एक बार जारी होने वाला पार्किंग पास अनिवार्य कर दिया है. अब प्रत्येक सत्र में अलग से पास बनवाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक वर्ष के लिए वैध पास जारी किया जाएगा. विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के निर्देश पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है. सचिवालय का कहना है कि इससे न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि सुरक्षा निगरानी भी अधिक प्रभावी हो सकेगी. पार्किंग व्यवस्था में आंशिक बदलाव करते हुए वाहनों की एंट्री और मूवमेंट पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा. कुल मिलाकर, इस बार का बजट सत्र सुरक्षा, अनुशासन और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के साथ संचालित होगा. विधानसभा परिसर को लगभग किले जैसी सुरक्षा व्यवस्था में तब्दील कर दिया गया है, ताकि सत्र व्यवस्थित तरीके से चल सके।
अंगरक्षकों की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध
सुरक्षा कारणों से इस बार मंत्रियों और विधायकों के अंगरक्षकों को विधानसभा भवन में प्रवेश नहीं मिलेगा. उन्हें केवल पार्किंग स्थल स्थित द्वार क्रमांक तीन तक ही अनुमति होगी. भवन और सदन की लॉबी में उनका प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा. यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर उठाया गया है. विधायकों के साथ केवल एक निज सहायक और एक वाहन चालक को ही वैध प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा. बिना अधिकृत प्रवेश पत्र के किसी भी व्यक्ति को परिसर या सदन की लॉबी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. यहां तक कि किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति को वाहन में बैठाकर भी परिसर में लाने पर रोक रहेगी।
दर्शक दीर्घा में होगा सीमित प्रवेश
दर्शक दीर्घा में भी सख्ती बरती जाएगी. विधायकों की अनुशंसा पर सीमित संख्या में ही दर्शकों को प्रवेश मिलेगा. प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम एक घंटे के लिए अनुमति दी जाएगी, जिसे सदस्य अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग समय स्लॉट में तय कर सकेंगे. परिसर में प्रवेश के लिए दो व्यक्तियों को ही परिसर प्रवेश पत्र दिया जाएगा।
विधायकों के लिए की गई एसी बस सुविधा
सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा. इस दौरान विधायक विश्राम गृह से विधानसभा भवन तक आने-जाने के लिए दो वातानुकूलित मिनी बसों की व्यवस्था की गई है. सुबह सवा दस और पौने ग्यारह बजे बसें उपलब्ध रहेंगी, वहीं दोपहर ढाई बजे और पौने तीन बजे भी संचालन होगा. सत्र के मध्यांतर और सभा समाप्ति के समय भी बसें उपलब्ध रहेंगी. बसें निर्धारित अंतराल पर लगातार संचालित होंगी. सहायकों के लिए द्वार क्रमांक एक और तीन के पास शेड में प्रतीक्षा व्यवस्था की गई है. किसी भी असुविधा की स्थिति में प्रशासकीय अधिकारी हरीश श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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