Mahashivratri Special: लंबी यात्रा पर निकलने से पहले राहत की खबर, इन राज्यों में स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज है और लाखों श्रद्धालु दूर-दराज के मंदिरों की ओर रवाना हो रहे हैं. ऐसे में वाहन चलाने वालों के लिए सबसे बड़ी चिंता ईंधन की कीमतें होती हैं. अच्छी बात यह है कि आज सुबह तेल कंपनियों ने नए रेट जारी किए, लेकिन दिल्ली से लेकर मुंबई तक प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम बिल्कुल स्थिर हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें संतुलित बनी हुई हैं और घरेलू स्तर पर टैक्स व रुपये की दर में कोई बड़ा उछाल नहीं आया, जिससे आम आदमी को राहत मिली है.
प्रमुख शहरों में स्थिरता बरकरार
दिल्ली में जहां पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर टिका है, वहीं डीजल 87.67 रुपये पर है. मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये मिल रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये जबकि डीजल 92.02 रुपये पर स्थिर है. चेन्नई में भी पेट्रोल 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये के आसपास बिना किसी बदलाव के उपलब्ध है. इन चारों महानगरों में पिछले कई दिनों से यही रेट चल रहे हैं, जो यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए सुकून भरा है.
दक्षिण और पश्चिम भारत का अपडेट
बेंगलुरु में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये पर है. हैदराबाद में पेट्रोल थोड़ा महंगा 107.50 रुपये पर बिक रहा है, जबकि डीजल 95.70 रुपये है. अहमदाबाद में पेट्रोल 94.68 रुपये और डीजल 90.35 रुपये पर कोई हलचल नहीं. पुणे में भी पेट्रोल 103.87 रुपये और डीजल 90.40 रुपये के स्तर पर स्थिरता है. इन शहरों में ईंधन की कीमतें काबू में हैं, जिससे लंबी ड्राइव प्लान करने वाले लोग बेफिक्र होकर निकल सकते हैं.
उत्तर भारत में राहत का माहौल
जयपुर में पेट्रोल 104.91 रुपये और डीजल 90.38 रुपये पर है. लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये जबकि डीजल 87.81 रुपये मिल रहा है. इंदौर में पेट्रोल 106.81 रुपये और डीजल 92.18 रुपये पर टिका हुआ है. पटना में भी पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 91.66 रुपये के आसपास कोई बदलाव नहीं. उत्तर भारत के इन प्रमुख शहरों में दामों की स्थिरता से किसानों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक सभी को फायदा हो रहा है.
वैश्विक संकेत और भविष्य की संभावनाएं
इस समय वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें करीब 67-68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, जो पिछले कुछ हफ्तों से ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा रही. भारत में ईंधन का बड़ा हिस्सा आयात होता है, इसलिए रुपये की मजबूती और सरकारी नीतियां दामों को नियंत्रित रख रही हैं. कई महीनों से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. हालांकि, भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन फिलहाल स्थिति आम आदमी के पक्ष में है.
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