केरल के इमाम ने हिंदू भक्तों के लिए मस्जिद और घर खोले
केरल। के पलियम इमाम वी.पी. सुहैब मौलवी की एक ऐसी अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने आगामी अट्टुकल पोंगाला उत्सव के अवसर पर हिंदू श्रद्धालुओं के लिए मस्जिदों और मुस्लिम घरों को खोलने का आह्वान किया है। इस पहल को सोशल मीडिया पर कई यूजर्स 'असली केरल की कहानी' के रूप में सराहा रहे हैं।
3 मार्च को अट्टुकल पोंगल उत्सव
दरअसल, केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित अट्टुकल भगवती मंदिर में मनाया जाने वाला अट्टुकल पोंगल प्रसिद्ध 10 दिवसीय उत्सव है। अट्टुकल पोंगल, जो इस वर्ष 3 मार्च को पड़ रहा है दुनियाभर में महिलाओं के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है। इस उत्सव में विभिन्न आयु वर्ग की लाखों महिलाएं राजधानी शहर में इकट्ठा होती हैं और अनुष्ठानों में भाग लेती हैं। इससे पहले पालयाम इमाम की ओर से एकजुटता और आतिथ्य सत्कार की अपील करने वाले एक भाषण ने ऑनलाइन व्यापक रूप से ध्यान आकर्षित किया है। इमाम ने आग्रह किया कि त्योहार के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मस्जिदें और घर खोले जाएं और पोंगल के दिन उनके लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की जाए। पालयाम के इमाम डॉ. सुहैब मौलवी ने अपने संदेश में कहा, 'अट्टुकल पोंगाला बस कुछ ही दिनों में आने वाला है। चूंकि यह एक अलग धर्म से जुड़ा है, इसलिए हम इसके रीति-रिवाजों और समारोहों में भाग नहीं लेते हैं। हालांकि, कई बहनें और बच्चे अतिथि के रूप में तिरुवनंतपुरम आएंगे। हमें उनका सर्वोत्तम स्वागत करने का प्रयास करना चाहिए।'
मस्जिदें और घर उनके लिए पूरी तरह खुले हो: इमाम
इमाम ने आगे कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी पोंगाला रमजान के दौरान ही हो रहा है। हमें पोंगाला में आने वाली बहनों और उनके बच्चों के साथ रमजान के बेहतरीन अनुभवों, उसकी खुशी, भाईचारे और प्यार को साझा करने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमें उन्हें पीने का पानी और रमजान के पकवान उपलब्ध कराने चाहिए। हमें उनके आराम के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। ऐसी स्थिति बनानी होगी, जहां हमारी मस्जिदें और घर उनके लिए पूरी तरह खुले हों। यह हमारे प्रेम और भाईचारे को खुलकर प्रदर्शित करने का अवसर है।'
सोशल मीडिया पर हो रही मौलवी की तारीफ
मौलवी ने आगे जोर दिया कि देश और दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया और नफरत का मुकाबला सिर्फ प्यार और भाईचारे से ही असरदार तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने इस त्योहार को मेलजोल के संदेश को मजबूत करने का एक अच्छा मौका बताया। अब मुस्लिम धर्मगुरु का भाषण जल्द ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। अलग-अलग धर्मों के लोगों ने उनके वीडियो क्लिपिंग्स को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर किया और उनके इस कदम को केरल की असली कहानी, केरल में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के बीच मेलजोल और भाईचारे का एक उदाहरण बताया।
राशिफल 20 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वयं अपना स्वगणना फॉर्म भरा
सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब
मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर को कम करने में सभी की सहभागिता आवश्यक - उप मुख्यमंत्री शुक्ल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर