Narendra Modi के साथ Yogi Adityanath की तस्वीर बनी सियासी जरूरत
गोरखपुर प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण की ये तस्वीर और इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है।
गोरखपुर|प्रेस क्लब का ये बैनर सूचना विभाग की छत्रछाया में तैयार किया गया जिसमें योगी आदित्यनाथ के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगवाई गई जबकि पिछले शपथ ग्रहण समारोह में ऐसा नहीं था। तब बैनर में सिर्फ योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगाई गई थी।
योगी तब भी मुख्य अतिथि थे।
योगी इस बार भी बतौर मुख्य अतिथि हाजिर हुए।
मगर इस बार बैनर बदल चुका था। मैं दोनो ही तस्वीर यहां अटैच कर रहा हूं।अब ये गोरखपुर प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह था न कि बीजेपी की जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह कि योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी की तस्वीर लगाई जाती।
सूत्र बताते हैं कि इसे 'निर्देशों' के तहत किया गया।सूत्रों के मुताबिक़ सूचना के निर्देश एकदम साफ हैं। अब जहां भी योगी आदित्यनाथ की तस्वीर होगी, उसके साथ पीएम मोदी की तस्वीर भी लगाई जाएगी।
महाकवि कल्हण का महान महाकाव्य है ‘राजतरंगिणी’।महाकवि कल्हण ने कश्मीर के इतिहास पर केंद्रित इस संस्कृत महाकाव्य में आठ तरंगों का वर्णन किया है,
जिसका सार ये है कि जब राजा की कुर्सी सदैव अनिश्चित होती है
मगर जब वो अनिश्चितता और आशंका के 'प्रचंड' बादलों में घिर चुकी होती है,और 'अब गई, तब गई' की शक्ल ले चुकी होती है, तो कुर्सी गंवाने का डर राजा को उदारमना बना देता है।वो बात बात पर सर्वोच्च शक्ति की जयजयकार करने लगता है।
क्या यही वजह है कि आजकल योगी आदित्यनाथ का हर भाषण 'प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश और मार्गदर्शन' के उपसर्ग (Prefix) के साथ शुरू होता है,
और प्रधानमंत्री जी की जयजयकार के उपसर्ग (Suffix) के साथ समाप्त होता है। क्या वाकई ‘तस्वीर’ बदल चुकी है!!!
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