टीम मैनेजमेंट और चयन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा उलटफेर; अध्यक्ष शम्मी सिल्वा सहित पूरी कार्यकारी समिति ने दिया इस्तीफा
श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपनी पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी (कार्यकारी समिति) के साथ तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि इस फैसले की जानकारी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और खेल मंत्री को दे दी गई है।
इस्तीफे की मुख्य वजह
65 वर्षीय शम्मी सिल्वा, जो 2019 से बोर्ड की कमान संभाल रहे थे, पिछले कुछ समय से भारी दबाव में थे। उनके इस्तीफे के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित माने जा रहे हैं:
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खराब प्रदर्शन: राष्ट्रीय पुरुष टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट, विशेषकर टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण तक भी न पहुँच पाना।
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कुप्रबंधन के आरोप: बोर्ड के कामकाज और मैनेजमेंट को लेकर बढ़ती आलोचना और विवाद।
शम्मी सिल्वा का कार्यकाल और विवाद
शम्मी सिल्वा का क्रिकेट प्रशासन में सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:
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निर्विरोध चयन: वे 2021, 2023 और 2025 में बिना किसी विरोध के अध्यक्ष चुने गए थे।
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एसीसी की जिम्मेदारी: साल 2025 में उन्होंने जय शाह के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्यभार संभाला था।
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पुराना विवाद: 2023 के वनडे विश्व कप में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद भी उन्हें पद से हटाया गया था, जिसके बाद आईसीसी ने श्रीलंकाई बोर्ड को निलंबित कर दिया था। उस निलंबन के कारण 2024 का अंडर-19 विश्व कप श्रीलंका की जगह दक्षिण अफ्रीका में आयोजित करना पड़ा था।
आईसीसी की नजर और भविष्य की चुनौतियां
श्रीलंका के 1973 के खेल कानून के तहत खेल मंत्री के पास फेडरेशन को भंग करने का अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) इसे बाहरी दखल मानती है, जो उसके चार्टर के खिलाफ है।
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वर्तमान स्थिति: आईसीसी को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है।
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अगला कदम: फिलहाल नए चुनावों की तारीखों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। श्रीलंका क्रिकेट में आए इस अचानक बदलाव ने आगामी दौरों और टीम के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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