ईरान की चेतावनी, शर्तें नहीं मानीं तो होर्मुज जलडमरूमध्य बनेगा कब्रगाह
वाशिंगटन डीसी/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक और सैन्य रस्साकशी एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मई 2026 के शुरुआती हफ्तों में आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) ने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अब सीमित विकल्प बचे हैं।
ईरान का 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव और ट्रंप की प्रतिक्रिया
ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका को एक 14 सूत्रीय व्यापक शांति प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव अमेरिका के पिछले 9 सूत्रीय प्लान के जवाब में है।
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प्रमुख मांगें: 30 दिनों के भीतर सभी विवादों का समाधान, भविष्य में किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ लिखित गारंटी, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी, जब्त किए गए ईरानी एसेट्स की रिहाई और प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना।
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ट्रंप का रुख: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पुष्टि की है कि उन्हें पाकिस्तान के माध्यम से प्रस्ताव का कांसेप्ट मिला है। हालांकि, उन्होंने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं वर्तमान प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हूं। वे ऐसी चीजें मांग रहे हैं जिन पर सहमति जताना कठिन है।" ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान कोई गलती करता है, तो सैन्य हमले का विकल्प अब भी मेज पर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य: "अमेरिकी सेना की कब्रगाह"
ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और पूर्व IRGC कमांडर मोहसिन रजाई ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी नौसेना के लिए 'कब्रगाह' बना दिया जाएगा। रजाई ने अमेरिका को 'विमान वाहक पोतों वाला समुद्री लुटेरा' करार देते हुए अप्रैल 2026 में इस्फहान के पास मार गिराए गए अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान का उदाहरण दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों का हश्र भी उस विमान के मलबे जैसा ही होगा।
ईरानी संसद का नया कानून: इजरायली जहाजों पर स्थायी प्रतिबंध
तेहरान में ईरानी सांसदों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़ा करने के लिए एक 12 सूत्रीय मसौदा योजना पेश की है।
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इजरायल पर पाबंदी: इस योजना के तहत इजरायली जहाजों के इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे से गुजरने पर स्थायी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
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अमेरिका के लिए शर्त: अमेरिकी जहाजों को केवल तभी अनुमति दी जाएगी, जब अमेरिका युद्ध के दौरान ईरान को हुए सभी आर्थिक और बुनियादी नुकसानों की भरपाई (मुआवजा) करेगा।
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नया प्रबंधन: ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने कहा कि जलडमरूमध्य का नया प्रबंधन "ईरान के तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण" जितना ही महत्वपूर्ण है और अब स्थिति युद्ध से पहले जैसी नहीं रहेगी।
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