मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां कोटड़ा बुजुर्ग गांव में जहरीली आइसक्रीम खाने से अफरा-तफरी मच गई। एक स्थानीय फेरीवाले से खरीदी गई आइसक्रीम का सेवन करते ही देखते ही देखते 20 से अधिक ग्रामीणों की हालत बिगड़ने लगी। गांव में अचानक बढ़ते उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मामलों ने परिजनों के होश उड़ा दिए, जिसके बाद आनन-फानन में बीमार लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों की ओर ले जाया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

मासूम बच्चों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

इस दुखद घटना में सबसे अधिक संख्या बच्चों की है, जिन्होंने बड़े उत्साह के साथ आइसक्रीम खाई थी। जैसे ही फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखने शुरू हुए, बच्चों की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। तत्काल राहत के लिए कई मरीजों को गरोठ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, कुछ मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजस्थान के भवानीमंडी रेफर करना पड़ा। डॉक्टरों की टीम लगातार बीमारों की निगरानी कर रही है और प्रभावितों को ड्रिप व अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही हैं।

एक साधारण फेरीवाले की लापरवाही या खराब सामग्री?

गांव में यह समस्या उस समय शुरू हुई जब एक अज्ञात फेरीवाला अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा था। गर्मी के मौसम में राहत पाने के लिए कई परिवारों ने उससे आइसक्रीम खरीदी, लेकिन कुछ ही घंटों में खुशी का माहौल बीमारी में बदल गया। अब स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर उस आइसक्रीम में ऐसी क्या मिलावट थी जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। आशंका जताई जा रही है कि आइसक्रीम बनाने में या तो दूषित पानी और दूध का इस्तेमाल हुआ था, या फिर इसे सही तापमान पर स्टोर न करने की वजह से इसमें बैक्टीरिया पनप गए थे।

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की मामले की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित आइसक्रीम के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि जहर फैलने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी के दौरान खुले में बिकने वाली ऐसी खाद्य सामग्रियों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन उस फेरीवाले की भी तलाश कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।