78 साल बाद गारपा गांव में हुआ उजाला, दुर्गम वनांचल तक पहुँची बिजली
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और कभी नक्सलवाद के साये में रहे क्षेत्रों में अब विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना (आपका अच्छा गाँव) के तहत नारायणपुर जिले के अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुँची है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प का ही परिणाम है कि आज इन गाँवों के 48 परिवारों के घरों में पहली बार बिजली का बल्ब रोशन हुआ है।
चुनौतियों पर भारी पड़ी प्रशासनिक दृढ़ता
नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे गारपा तक बिजली पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी। इस परियोजना को लगभग 55 लाख रुपये की लागत से धरातल पर उतारा गया। भौगोलिक विषमताओं और सुरक्षा संबंधी जोखिमों के बावजूद बिजली विभाग की तकनीकी टीम ने मिशन मोड में काम करते हुए समय सीमा के भीतर लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ा गारपा
विद्युतीकरण से गारपा के ग्रामीणों के जीवन में व्यापक बदलाव आने तय हैं। अब बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए ढिबरी या मिट्टी के तेल पर निर्भर नहीं रहना होगा। बिजली आने से टीकाकरण के लिए कोल्ड स्टोरेज और अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आसान होगा। ग्रामीण अब कुटीर उद्योगों, मोबाइल कनेक्टिविटी और अन्य तकनीकी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे।
बदलता नारायणपुर नियद नेल्लनार बना वरदान
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह योजना उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहाँ नक्सली भय के कारण दशकों से विकास कार्य ठप थे। बिजली पहुंचने से अब गारपा के बच्चों को रात में पढ़ाई करने में आसानी होगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य अब अन्य दूरस्थ गांवों में भी प्राथमिकता के साथ बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है।
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