भारत पहुंचे मार्को रुबियो, आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो आज से 26 मई तक चलने वाली अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंच चुके हैं। कार्यभार संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है, जिसे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों के लिए बेहद खास माना जा रहा है। वह स्वीडन में नाटो देशों की बैठक में हिस्सा लेने के बाद सीधे भारत पहुंचे हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान वह नई दिल्ली के अलावा कोलकाता, आगरा और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों का रुख भी करेंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण भारत की मेजबानी में होने वाली क्वॉड (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक है।
रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री सबसे पहले कोलकाता पहुंचे, जहां से वह देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। नई दिल्ली में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, जिसकी पुष्टि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी की है। वाशिंगटन से रवाना होने से पहले मार्को रूबियो ने भारत को एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बताया था। उम्मीद जताई जा रही है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों के हस्तांतरण, रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा होगी।
ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी दूतावास का संदेश
वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच इस दौरे में ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा सबसे शीर्ष पर रहने वाला है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ संकेत दिए हैं कि वाशिंगटन भारत की जरूरतों के मुताबिक बड़े पैमाने पर ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों पक्ष नए अवसरों की तलाश में हैं। इस बीच अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य एक स्वतंत्र, मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का निर्माण करना है। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की सप्लाई चेन को मजबूत करना भी इस एजेंडे का हिस्सा है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच सजेगा क्वॉड का मंच
यह दौरा वैश्विक भू-राजनीति के लिहाज से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम एशिया में इस समय भारी तनाव का माहौल है। ऐसे समय में, 26 मई को नई दिल्ली में क्वॉड देशों के विदेश मंत्रियों का महामंथन होने जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इस बैठक में शामिल होंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने और स्वतंत्र व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। मुख्य बैठक के अलावा सभी देशों के नेता आपस में द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद को दर्शाती है।
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