मेरठ: उत्तर प्रदेश के कंकरखेड़ा इलाके से पिछले डेढ़ महीने से लापता राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का के मामले में पुलिस ने रविवार को एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, सिर्फ 3600 रुपये के उधारी विवाद को लेकर एक फास्टफूड दुकानदार ने अनुष्का के सिर पर ईंट मारकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

वारदात के बाद चंडीगढ़ भाग गया था आरोपी

आरोपी ने 15 अप्रैल की रात को ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था और शव को रोहटा रोड स्थित एक नाले में फेंक कर फरार हो गया था। पुलिस ने देहरादून के रहने वाले आरोपी श्याम धानक को चंडीगढ़ से धर दबोचा है, जिसकी निशानदेही पर मृतका के शव के अवशेष बरामद कर लिए गए हैं।

एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने जानकारी दी कि दौराला क्षेत्र के चिरोड़ी गांव के रहने वाले नेमपाल की बेटी अनुष्का 12वीं की छात्रा थी और कंकरखेड़ा में किराए का कमरा लेकर रह रही थी। 15 अप्रैल की रात से उसका फोन बंद था और वह अचानक गायब हो गई थी।

परिजनों ने गुमशुदगी के 10 दिनों बाद स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाने पर शनिवार को परेशान परिवार एडीजी और एसएसपी दफ्तर पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों के कड़े आदेश के बाद एक्टिव हुई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।

मात्र ₹3600 के उधार के लिए ली जान

पुलिसिया पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह रोहटा फ्लाईओवर के पास फास्टफूड का ठेला लगाता था, जहां अनुष्का अक्सर खाने आया करती थी। इसी दौरान उस पर दुकानदार के 3600 रुपये उधार हो गए थे।

  • वारदात वाली रात दोनों के बीच रुपयों को लेकर बहस हुई। अनुष्का ने कुछ दिनों में पैसे लौटाने की बात कही, लेकिन दुकानदार तुरंत पैसों की जिद पर अड़ा था।

  • जब आरोपी ने झगड़ा शुरू किया, तो अनुष्का ने डटकर उसका मुकाबला किया। इससे गुस्साए आरोपी ने पास में पड़ी ईंट उठाकर छात्रा के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस चौकी के पास वारदात, डेढ़ महीने तक सोती रही पुलिस

हैरानी की बात यह है कि आरोपी श्याम धानक ने इस वारदात को शोभापुर पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर अंजाम दिया और शव को भी चौकी से 50 मीटर दूर नाले में फेंक दिया। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस डेढ़ महीने तक अंधेरे में तीर चलाती रही।

शुरुआती जांच में संदेह होने पर पुलिस ने आरोपी को दो बार हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी, लेकिन वह पुलिस को झांसा देने में कामयाब रहा। शनिवार को एडीजी भानु भास्कर और एसएसपी अविनाश पांडेय की सख्ती के बाद पुलिस ने नए सिरे से जाल बिछाया और केस सुलझाया। अनुष्का पिछले दो साल से अपने भाई अनमोल के साथ रहकर पढ़ाई और कबड्डी की प्रैक्टिस साथ-साथ कर रही थी।

मेडल जीतने पर झूम उठता था गांव, अब पसरा मातम

पीड़ित पिता नेमपाल ने रोते हुए बताया कि जब भी अनुष्का किसी नेशनल टूर्नामेंट से मेडल जीतकर घर लौटती थी, तो पूरे गांव में जश्न का माहौल हो जाता था। परिवार को पूरा भरोसा था कि उनकी होनहार बेटी एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करेगी, लेकिन एक अपराधी ने मामूली रकम के लिए उनके सारे सपने तोड़ दिए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और शोक की लहर है।

पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है आरोपी

जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि फास्टफूड संचालक श्याम एक आदतन अपराधी है। उस पर पहले से ही मेरठ के लालकुर्ती थाने में एक मर्डर केस दर्ज है और वह साल 2024 में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।

अनुष्का की हत्या करने के बाद से उसने अपनी दुकान बंद कर दी थी। जब पुलिस ने सहेलियों और भाई से इनपुट मिलने पर उसे चंडीगढ़ से पकड़ा, तो वह पहले 'काम न चलने के कारण शहर छोड़ने' का बहाना बनाकर गुमराह करता रहा। लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।