अब एक कॉल में सरकार तक पहुंचेगी आपकी आवाज, लॉन्च होगी CM हेल्पलाइन 1076
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के आम नागरिकों की समस्याओं और जन-शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए जल्द ही एक बड़ी जन-कल्याणकारी पहल करने जा रही है। शासन द्वारा जल्द ही 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना' का आगाज किया जाएगा, जिसके लिए विशेष रूप से टोल-फ्री नंबर 1076 जारी किया जा रहा है। इस एकीकृत व्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश का कोई भी नागरिक अपनी व्यक्तिगत या सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेगा। सरकार का दावा है कि इस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम में शिकायत दर्ज होते ही उसे उसकी गंभीरता और विषय (कैटेगरी) के आधार पर सीधे संबंधित विभाग को फॉरवर्ड कर दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उसका हर हाल में समाधान सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है।
पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप से भी मिलेगी सुविधा
इस योजना के तहत आम जनता को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए केवल फोन कॉल ही नहीं, बल्कि कई आधुनिक डिजिटल विकल्प भी दिए जा रहे हैं। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करने के अलावा:
-
योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपनी बात लिख सकते हैं।
-
विशेष रूप से तैयार किए गए 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन मोबाइल एप्लीकेशन' का उपयोग कर सकते हैं।
-
24 घंटे एक्टिव रहने वाले आधिकारिक व्हाट्सएप (WhatsApp) नंबर के जरिए भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं।
इस चौबीसों घंटे चालू रहने वाली हाई-टेक व्यवस्था से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरों तक के लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटे बिना सीधे मंत्रालयों और विभागों से जुड़ने का मौका मिलेगा। साथ ही, शिकायतकर्ता अपनी कंप्लेंट का करंट स्टेटस (ऑनलाइन ट्रैकिंग) भी देख सकेंगे कि उनकी फाइल पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
कलेक्टर स्तर पर बनेगी मॉनिटरिंग टीम, लंबित मामलों पर होगी सख्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आम जनता से मिलने वाले आवेदनों और शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए प्रत्येक जिला स्तर पर एक विशेष टास्क फोर्स या डेडिकेटेड टीम की तैनाती की जाएगी। यह जिला स्तरीय टीम सीधे शिकायतों के निवारण की कमान संभालेगी और संबंधित विभागों के साथ कड़ा समन्वय स्थापित करेगी। शासन का मानना है कि इस त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम से फाइलों के लंबे समय तक पेंडिंग रहने या धूल खाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।
100 से ज्यादा कर्मचारियों और अफसरों को दी गई स्पेशल ट्रेनिंग
इस महत्वाकांक्षी हेल्पलाइन प्रोजेक्ट को धरातल पर सुचारु और त्रुटिहीन ढंग से संचालित करने के लिए शुरुआती चरण में 100 से अधिक चुनिंदा अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दिया जा चुका है। इस ट्रेनिंग सत्र के दौरान उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन, त्वरित शिकायत पंजीकरण, विभागों को केस ट्रांसफर करने, फीडबैक लेने और समय-सीमा के भीतर क्लोजर रिपोर्ट तैयार करने की बारीक कड़ियों से रूबरू कराया गया है।
कार्यालयों की भागदौड़ से मिलेगी मुक्ति
इस एकीकृत हेल्पलाइन प्रणाली के प्रभावी होने के बाद आम लोगों को अपनी वाजिब मांगों या समस्याओं के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों, बाबुओं और जनदर्शन के चक्कर लगाने की मजबूरी नहीं रहेगी। शिकायत सीधे विभागीय हेड तक पहुंचेगी और उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट पर उच्च स्तर से नजर रखी जाएगी। प्रशासन की इस दूरगामी पहल को रायपुर, बिलासपुर, और दुर्ग समेत पूरे प्रदेश में सुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और लोक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर माना जा रहा है।
राशिफल 04 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
हाथियों के साये से सुरक्षित भविष्य तक : प्रधानमंत्री आवास योजना ने करमचन्द्र के परिवार को दिया नया जीवन
टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ी पहल: अब गांव-गांव पहुंच रही है हैंड हेल्ड एक्स-रे जांच सुविधा
जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए प्रदेश में चलाया जा रहा है जन आंदोलन : मंत्री सिलावट
छतरपुर के लकड़ी फर्नीचर उद्योग को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
समाधान शिविरों से आसान हुई जनसेवाओं की राह, महिलाओं को घर के नजदीक मिल रहा योजनाओं का लाभ
संघर्ष से सम्मान तक: प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिव्यांग राम प्रसाद के जीवन में भरी नई रोशनी
प्रदेश के हर जिले में बनेंगे फीडर सेंटर, बढ़ेगा खेल नेटवर्क : मंत्री श्री सारंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहल
सुशासन तिहार के माध्यम से घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सुरक्षा