कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी हलचल, नए समीकरणों पर मंथन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में बड़े फेरबदल को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि आगामी मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस संभावित फेरबदल में जहां कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, वहीं कुछ के विभागों में फेरबदल और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हुए नए सहयोगियों को जगह मिलने की पूरी उम्मीद है।
इन बड़े चेहरों की हो सकती है छुट्टी, बदले जा सकते हैं विभाग
चर्चाओं के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, हरदीप सिंह पुरी, रवनीत सिंह बिट्टू, पंकज चौधरी, हर्ष मल्होत्रा और जॉर्ज कुरियन को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इसके अलावा, दो सबसे बड़े बदलावों के रूप में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और ज्योतिरादित्य सिंधिया के विभागों को बदले जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
चुनावी राज्य, युवा और महिला प्रतिनिधित्व पर रहेगा फोकस
इस बार के कैबिनेट फेरबदल में सरकार कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी:
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आगामी विधानसभा चुनाव: अगले साल देश के 7 प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, पंजाब, गोवा, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भाजपा के लिए बेहद रणनीतिक राज्य हैं, इसलिए इन क्षेत्रों के नेताओं को कैबिनेट में तरजीह दी जा सकती है।
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युवाओं को प्राथमिकता: वर्तमान मोदी कैबिनेट में लगभग 8 मंत्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 70 से 80 वर्ष के बीच है। माना जा रहा है कि युवाओं को आगे लाने की एनडीए की नीति के तहत इन वरिष्ठ मंत्रियों की जगह नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
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महिलाओं और नौकरशाहों की एंट्री: सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) में फिलहाल निर्मला सीतारमण ही एकमात्र महिला मंत्री हैं, ऐसे में कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही, कुछ अनुभवी पूर्व नौकरशाहों को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। चर्चा है कि निर्मला सीतारमण की जगह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को देश का नया वित्त मंत्री बनाया जा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान पर गिर सकती है गाज, निर्मला सीतारमण को मिल सकता है नया जिम्मा
इस पूरे फेरबदल में शिक्षा मंत्रालय को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय से हटाकर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वर्तमान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के दौरान नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और सीबीएसई (CBSE) बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी जैसे कई बड़े मामले सामने आए हैं। इन लापरवाहियों को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहा है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था। ऐसे में माना जा रहा है कि इन विवादों का असर उनके पद पर पड़ना लगभग तय है।
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