केरल के वायनाड में बारिश बनी आफत, भूस्खलन से कई लोग घायल
वायनाड। देशभर के अधिकांश हिस्सों में जारी मूसलाधार बारिश के बीच केरल के वायनाड से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। यहां लगातार हो रही भारी वर्षा के दौरान 'वायनाड-कल्लाडी सुरंग' (टनल) के निर्माण स्थल पर अचानक भारी मात्रा में मलबा ढह गया। इस भूस्खलन की चपेट में आने से वहां काम कर रहे कई श्रमिक और लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं, जिन्हें मलबे से निकालकर तुरंत नजदीकी चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है।
सुरक्षा बल तैनात, मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, इस हादसे में करीब 5 से 6 लोग जख्मी हुए हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू शुरू होने से किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। सूबे के मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए वायनाड के जिला कलेक्टर से दूरभाष पर संपर्क कर हालात की समीक्षा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, सीएम ने प्रभारी मंत्री टी. सिद्दीकी के साथ एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग की और राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार समेत आला मंत्रियों को तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचने के निर्देश दिए। फिलहाल मीनांगाडी और कोझिकोड से एनडीआरएफ (NDRF) की दो टुकड़ियां (60 जवान) कल्लाडी पहुंच चुकी हैं और राहत कार्य की कमान संभाल ली है।
निर्माण कंपनी 'कोंकण रेलवे' पर लापरवाही का आरोप
इस हादसे के बाद राज्य सरकार और निर्माण एजेंसी के बीच तल्खी बढ़ गई है। केरल के मंत्री टी. सिद्दीकी ने इस घटना को प्राकृतिक आपदा मानने से साफ इनकार करते हुए इसके लिए निर्माण कार्य देख रही कंपनी 'कोंकण रेलवे' को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। मंत्री ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह भूस्खलन पूरी तरह से मानवीय और तकनीकी लापरवाही का नतीजा है। उनके अनुसार, जिला प्रशासन और कलेक्टर ने पहले ही कोंकण रेलवे को इस संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में लैंडस्लाइड के खतरे को लेकर लिखित में आगाह किया था, लेकिन कंपनी ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम जारी रखा।
अतीत के जख्म और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री टी. सिद्दीकी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ और इस तरह की आपराधिक लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि दो वर्ष पूर्व मुंडक्कई में हुए भीषण भूस्खलन में 298 लोग असमय काल के गाल में समा गए थे, जिसके बाद भी कार्यदायी संस्थाओं ने कोई सबक नहीं सीखा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
शराब पीकर ड्राइविंग करना पड़ा भारी, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्टार वॉर्नर ने कोर्ट में कबूला जुर्म
दिल्ली में मेट्रो सेवा प्रभावित, 16 स्टेशन अगले आदेश तक रहेंगे बंद
आर्थिक बदहाली से जूझ रहा पाकिस्तान, बड़ी आबादी गरीबी के शिकंजे में
सड़क हादसों पर हाईकोर्ट की सख्ती, आवारा मवेशियों को लेकर सरकार और NHAI से जवाब तलब
संसद में नहीं थम रहा संग्राम, अखिलेश की तीखी बहस के बीच सदन की कार्यवाही रोकी गई
सदियों पुरानी युवती की कब्र बनी शोध का केंद्र, वैज्ञानिकों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
हेयरफॉल से राहत पाने के लिए लोग अपना रहे हैं यह तरीका, जानें कितना कारगर है
Nestle India का शानदार प्रदर्शन, पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 48% बढ़ा
वाराणसी में तनावपूर्ण माहौल, BHU और काशी विद्यापीठ के बाहर भारी पुलिस बल तैनात