इंदौर नाना पटवारी से जुड़े मामले में बिल्डर सुमित मंत्री की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने पूछताछ के लिए सुमित मंत्री को आधिकारिक नोटिस जारी कर थाने बुलाया था, लेकिन पुलिस के अनुसार, वे थाने तो पहुंचे, मगर पूछताछ की प्रक्रिया को बीच में ही छोड़कर चले गए।

पूछताछ के लिए मांगे गए जरूरी दस्तावेज

पुलिस ने सुमित मंत्री को शुभम वैली कॉलोनी से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, प्लॉट धारकों की सूची, तथा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) और रेरा (RERA) से प्राप्त अनुमतियों के दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में पुलिस इन सभी दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन कर रही है।

मेडिकल सर्टिफिकेट पर उठा विवाद

इस मामले में मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर भी एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि पूछताछ से बचने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया गया। इस सर्टिफिकेट की प्रामाणिकता की जांच करने के उद्देश्य से पुलिस ने उस डॉक्टर से भी पूछताछ की है, जिसने यह प्रमाण पत्र जारी किया था।

नाना पटवारी के साथियों पर पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR

इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नाना पटवारी के चार साथियों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। इन आरोपियों ने क्रिकेट मैच के दौरान सट्टे पर कमीशन लेने की बात स्वीकार की है।

सुमित मंत्री को फिर से तलब कर सकती है पुलिस

पुलिस नाना पटवारी से संबंधित जमीन के सौदों और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के बीच की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुमित मंत्री को दोबारा पूछताछ के लिए थाने बुलाया जा सकता है।