आधुनिक जीवन की भागदौड़ और खानपान की अनियमिताएं हमारे शरीर पर भारी पड़ने लगी हैं। खराब दिनचर्या का सीधा असर हमारे शरीर के दो सबसे महत्वपूर्ण अंगों—किडनी (गुर्दे) और लिवर—पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बिना रुके दिन-रात काम करते हैं।

किडनी और लिवर की कार्यप्रणाली

  • किडनी: शरीर के खून को लगातार फिल्टर करके उसमें मौजूद जहरीले पदार्थों और अतिरिक्त पानी को मूत्र के रास्ते बाहर निकालती है।

  • लिवर: हमारे द्वारा खाए गए भोजन को ऊर्जा में बदलने, मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने, जरूरी पोषक तत्वों का भंडारण करने और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को निष्क्रिय करने का कठिन कार्य करता है। इन दोनों अंगों के सुचारू रूप से काम किए बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

लिवर और किडनी से जुड़ी बढ़ती बीमारियां

मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, आजकल नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। इन बीमारियों की सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि शुरुआती दौर में इनके कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। जब तक समस्या का पता चलता है, तब तक ये अंग काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो चुके होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और गलत खानपान इन समस्याओं के मुख्य कारण हैं। यदि लगातार थकान महसूस होना, पैरों में सूजन, पेशाब के रंग में बदलाव, बार-बार पीलिया होना या पेट में सूजन जैसे लक्षण दिखें, तो इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किन आदतों से बिगड़ती है इन अंगों की सेहत?

  • दर्द निवारक दवाओं (पैनकिलर) का अत्यधिक सेवन: एनएसएआईडी (NSAIDs) जैसी पेनकिलर का बार-बार या बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक सेवन करना किडनी को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा कई दवाएं लिवर पर भी अतिरिक्त दबाव डालती हैं।

  • शराब और धूम्रपान का सेवन: अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से लिवर में फैट जमने, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। वहीं, धूम्रपान करने से किडनी की रक्त वाहिकाएं कमजोर होती हैं और क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ता है।

  • जरूरत से ज्यादा नमक और चीनी खाना: भोजन में अधिक नमक का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है। इसी तरह ज्यादा चीनी, मीठे पेय पदार्थ और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड मोटापे और फैटी लिवर का जोखिम तेजी से बढ़ाते हैं।

  • शरीर में पानी की कमी: पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से किडनी पर अतिरिक्त जोर पड़ता है और पथरी (किडनी स्टोन) होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • अनियंत्रित डायबिटीज और हाई बीपी: उच्च रक्तचाप और मधुमेह, किडनी खराब होने के सबसे बड़े और प्रमुख कारणों में गिने जाते हैं। समय पर जांच और दवाइयों से इन्हें नियंत्रित रखकर इन अंगों को सुरक्षित रखा जा सकता है।