अतुल का अलीगढ़— शहर को जाना, पहचाना और ऐतिहासिक खूबियों पर लिख दी किताब

अलीगढ़, 16 जनवरी। अपना शहर हमारे कितने करीब है, कितनी खूबियां है ये अमूमन बहुत कम लोग महसूस करते हैं, क्योंकि लोग जाम और सड़कों में ही उलझे रहते हैं। मगर जब शहर की खूबियां शब्दबद्ध हो जाती हैं, किसी पुस्तक का रूप ले लेती हैं तो शहर की खूबसूरती चौका देती है। तब स्वयं को आश्चर्य लगता है कि अपने शहर में कितनी सारी खूबियां हैं ? ऐसा ही हुआ जब बीते सोमवार को यहॉं वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कुमार अतुल की पुस्तक "अंग्रेजों के जमाने का अलीगढ़" का विमोचन हुआ।
शहर की जिन पुरानी चीजों को कुमार अतुल पुस्तक के माध्यम से हम सभी तक लेकर आए थे, उन्हें बहुत कम लोग जानते थे। मगर, कुमार अतुल के शब्दों ने दिल जीत लिया। जिसका मात्र दो वर्ष ही अलीगढ़ से वास्ता रहा हो, वह इतनी खूबियां हम सभी को पुस्तक के रूप में देंगे। यह सहसा विश्वास नहीं हो रहा था। 

मैरिस रोड स्थित धर्मपुर कोर्टयार्ड में आयोजित समारोह में वरिष्ठ पत्रकार और पुस्तक के लेखक कुमार अतुल ने पुस्तक की भूमिका रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में वह अलीगढ़ अमर उजाला संपादक के रूप में जब आ रहे थे। उस समय परिवार के लोगों ने कहा था कि अलीगढ़ में दंगे फसाद होते हैं। कहां जा रहे हो ? मगर यहां आने के बाद मेरा पूरा नजरिया ही बदल गया। अलीगढ़ में मुझे धर्म, साहित्य, सेवा का अटूट संगम देखने को मिला। इसी बीच अलीगढ़ के ऐतिहासिक पन्ने पलटने लगा। उसमें तमाम रोचक जानकारियां मिलीं। फिर मुझे महसूस हुआ कि "अंग्रेजों के जमाने का अलीगढ़" पर कुछ काम करने की जरूरत है और लिखने का सिलसिला शुरू कर दिया। देखिए, आज इस पुस्तक का विमोचन हो रहा है। सच, मानिए जैसा मैंने शहर को जीया वैसा ही लिख दिया। इसमें शहरवासियों का बहुत बड़ा सहयोग है। 

एएमयू के म्यूजिक टीचर एवं शायर जानी फास्टर ने कहा कि मैं भी मसूरी का रहने वाला हूं। मगर, अलीगढ़ की खुशबू से दूर नहीं हो सका। कुमार अतुल की पुस्तक ने लाजवाब कर दिया। कवि अशोक अंजुम ने कहा कि जो काम अलीगढ़वासी को करना था वो अतुल जी ने कर दिया। सुमित सराफ ने कहा कि अलीगढ़ के बारे में आपने चिंता की इससे पता चलता है कि आप अलीगढ़ से कितना प्यार करते हैं।

डॉ.  राजीव अग्रवाल ने कहा कि इतने कम समय में अलीगढ़ को जानना और उसके बारे में लिखना ये वास्तव में कुमार अतुल की कलम का जादू है। 

पूर्व विधायक विवेक बसंल ने कहा कि अलीगढ़ प्रेम और सौहार्द का शहर है जिसे कुमार अतुल ने बहुत अच्छे से शब्दों में पिरोया है। डीआर यादव ने कुमार अतुल की पुस्तक की तारीफ की। संचालन राकेश सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार तारिक हसन, कवि हरीश बेताब, संजय माहेश्वरी, भूपेंद्र शर्मा, ज्ञानेंद्र मिश्रा, शालिनी चौहान, राम सिंह, कुशल पाल सिंह आदि मौजूद थे।