सचिन-लारा के खिलाफ खेला इंटरनेशनल क्रिकेट, अब लंदन की सड़कों पर पेटिंग कर रहा गुजारा
नई दिल्ली : कभी सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के खिलाफ क्रिकेट खेलने वाले इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज जैक रसेल आज गुमनामी का जीवन जी रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि 61 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी गुजारा करने के लिए लंदन के पॉश इलाकों में पेंटिंग कर रहे हैं।
रसेल का करियर
इंग्लैंड के लिए 1987 में डेब्यू करने वाले जैक रसेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 54 टेस्ट और 40 वनडे मैच खेले। इनमें उन्होंने क्रमश: 1897 और 423 रन बनाए। वहीं, 465 फर्स्ल क्लास और 479 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम क्रमश: 16861 और 6626 रन दर्ज हैं। रसेल पेटिंग बनाने में व्यस्त रहते हैं। उनसे संपर्क करने उनसे संपर्क करने का एकमात्र तरीका ईमेल है और व्यक्तिगत मुलाकात के लिए सबसे संभावित स्थान लंदन स्थित क्रिस बीटल्स गैलरी है।
रणजीतसिंहजी का चित्र बनाया
काउंटी क्रिकेट से संन्यास लेने के 20 साल से भी ज्यादा समय बाद रसेल अपनी पेंटिंग्स के जरिए खेल से गहराई से जुड़े हुए हैं। राइडर स्ट्रीट स्थित गैलरी में जाना किसी भी क्रिकेट प्रेमी को पुरानी यादों में ले जाता है। रसेल के ज्यादातर प्रशंसक भारतीय हैं। यही वजह है कि हाल ही में उन्होंने इंग्लैंड के लिए खेलने वाले पहले भारतीय रणजीतसिंहजी का चित्र बनाया था।
समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ इंटरव्यू में रसेल ने कहा- 'मैं हर साल इतिहास से किसी न किसी को चित्रित करने की कोशिश करता हूं। पिछले साल मैंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डगलस जार्डिन को चित्रित किया था, जो एशेज सीरीज का एक बेहद विवादास्पद किरदार था। इस साल मैंने रणजीतसिंहजी को चुना। इसके पीछे का कारण उनका समृद्ध इतिहास है। अगर आप उनका अध्ययन करें और उनके करियर पर नजर डालें, तो वे एक रंगीन व्यक्तित्व, स्ट्रोक प्लेयर और एक तरह से पथप्रदर्शक हैं। यह प्रदर्शनी में मेरे पसंदीदा में से एक है। भारत और इंग्लैंड के बीच इस समय मैच चल रहे हैं, इसलिए मुझे लगा कि ऐसा करने का यही सही समय है।'
क्रिकेट से ज्यादा पेंटिंग में रुचि
इस बातचीत के दौरान पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर ने बताया कि उन्हें क्रिकेट से ज्यादा पेंटिंग करना पसंद है। उन्होंने आगे कहा- 'मैंने 1998 में इंग्लैंड क्रिकेट से और 2004 में काउंटी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, यानी अब 20 साल से ज्यादा हो गए हैं। यह सब जल्दी ही बीत गया लेकिन मैं सिर्फ पेंटिंग में ही बहुत व्यस्त हूं। यही मेरा एकमात्र कौशल बचा है, इसलिए मैं रोज पेंटिंग करता हूं। मैं यही करता हूं। यही मेरा काम है। तो मैं बस पेंटिंग करता हूं, पेंटिंग करता हूं, पेंटिंग करता हूं। मैं यह काम लगभग 35-36 वर्षों से कर रहा हूं। यह मेरे खेलने के दिनों से भी ज्यादा समय है।'
पंत के मुरीद हुए रसेल
रसेल पेंटिंग बनाने में व्यस्त रहते हैं, लेकिन क्रिकेट जगत की खबरें पर नजर रखना उन्हें पसंद है। रसेल भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट के लिए मैदान गए थे। रसेल ने कहा, 'कई अच्छे विकेटकीपर रहे हैं। मैं कहूंगा कि मेरे समय में एलन नॉट और बॉब टेलर मेरे दो नायक थे। लेकिन मुझे सैयद किरमानी को देखना पसंद था। जब मैं छोटा था, तब मैं उन्हें बहुत देखता था। मुझे लगता था कि वह एक अच्छे विकेटकीपर हैं। पंत की बात करूं तो आपको उन्हें खेलते हुए देखना पंसद आएगा ही। वह चाहे बल्लेबाजी कर रहे हों या विकेटकीपिंग, आपको उन्हें देखना अच्छा लगेगा। इसलिए वह एक मनोरंजक खिलाड़ी हैं।'
उन्होंने कहा, 'यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि वह कार दुर्घटना के बाद भी क्रिकेट भी खेल रहे हैं। मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ी जैमी स्मिथ इंग्लैंड के सर्वकालिक महानतम बल्लेबाज और विकेटकीपर बनेंगे क्योंकि उनमें बहुत हुनर है। आप उसे गिलक्रिस्ट की श्रेणी में रख सकते हैं।'
दो बार भारत दौरे पर आए रसेल
रसेल ने दो बार भारत का दौरा किया, पहली बार 1989 में नेहरू कप के लिए और फिर 1996 के विश्व कप के लिए। उसके बाद से वे भारत नहीं गए। एक प्रदर्शनी मैच के दौरान ब्रेबोर्न स्टेडियम की अपनी पेंटिंग को सर्वश्रेष्ठ में से एक मानते हैं।
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