पति के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला, पीएम आवास योजना ने दिलिन बाई के सपना को दिए पंख
रायपुर : जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलादेही की ग्राम मौहाडीह निवासी 85 वर्षीय दिलिन बाई पटेल, पति स्व. कन्हैया लाल पटेल का जीवन उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए आज एक नई प्रेरणा बन गई हैं।
कभी अपने पति के साथ एक पक्के घर का सपना देखने वाली दिलिन बाई के लिए पति का निधन जीवन की सबसे कठिन समय था। उन्हें लगा कि अब उनका आशियाना अधूरा रह जाएगा। परंतु प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके उस अधूरे सपने को पूरा किया। सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची में नाम होने के कारण ग्राम सभा द्वारा वर्ष 2024-25 में उनका चयन हुआ। जनपद पंचायत बम्हनीडीह द्वारा प्रस्ताव स्वीकृत होने पर जिला पंचायत जांजगीर-चांपा से स्वीकृति मिली। प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार मिलने के बाद उन्होंने उत्साह के साथ घर का निर्माण प्रारंभ किया। तत्पश्चात द्वितीय किश्त 55 हजार एवं तृतीय किश्त 25 हजार प्राप्त कर उन्होंने अपने पति के सपनों को मूर्त रूप दिया। निर्माण में मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी से भी उन्हें सहारा मिला। दिलिन बाई भावुक होकर कहती हैं मेरे पति का सपना था कि हम पक्के घर में रहें। आज वह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन मिला, जिससे अब वे धुएं से मुक्त होकर गैस चूल्हे पर भोजन बनाती हैं। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, विधवा पेंशन योजना और महतारी वंदना योजना से उन्हें अतिरिक्त सहयोग मिला है। दिलिन बाई आज सम्मानपूर्वक, सुरक्षित और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रही हैं। कच्चे घर से पक्के जीवन की ओर दिलिन बाई की प्रेरणादायक कहानी हर महिला के हौसले की मिसाल है।
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