यूक्रेन ने मास्को से जंग में उतारे रोबोट, रुस के कई ठिकानों पर किया कब्जा
कीव। रोबोट्स घरों से निकलकर युद्ध के मैदान में पहुंच चुके हैं हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की तरफ से जमीन पर चलने वाले ड्रोन यानी रोबोट का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने आगे बढ़कर ना सिर्फ दुश्मनों पर हमला किया, बल्कि उनके ठिकाने पर कब्जा करने में भी मदद की।
रोबोट्स अब घरों का काम करने तक सीमित नहीं हैं उन्होंने जंग कमान संभाल ली है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन के खारकीव के पास बर्फ से ढके इलाके में, हाल ही में कुछ ऐसा हुआ, जिसने लोगों को चौंका दिया। वहां सैनिक नहीं, उनकी जगह मशीनें आगे बढ़कर दुश्मनों का खात्मा कर रही थीं। रूस-यूक्रेन युद्ध में पहली बार ऐसा हुआ कि दुश्मन के किसी ठिकाने पर बिना किसी सैनिक के ही कब्जा कर लिया गया हो। तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दर्जनों मशीन के दम पर ठिकाने पर कब्जा किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सार्वजनिक तौर पर इस बदलाव की ओर इशारा किया है। डिफेंस इंडस्ट्री वर्कर डे के मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस युद्ध के इतिहास में पहली बार दुश्मन के किसी ठिकाने पर जमीनी सिस्टम और ड्रोन की मदद से कब्जा किया गया। कब्जा करने वालों ने सरेंडर कर दिया और यह ऑपरेशन बिना सैनिकों और किसी नुकसान के पूरा किया गया। हालांकि उन्होंने उस ऑपरेशन का नाम नहीं बताया। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इस ऑपरेशन की शुरुआत सैनिकों के आगे बढ़ने से नहीं हुई थी। इसके बजाय, जमीन पर चलने वाला ड्रोन यानी रोबोट को रूसी बंकर की तरफ भेजा गया। वह कीचड़ भरे रास्ते से गुजरता हुआ अपने टारगेट तक पहुंचा और फिर धमाके के साथ फट गया। इसके बाद, कई सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए एक हमला किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध में हवा और जमीन दोनों तरह के ड्रोन को एक साथ तैनात किया गया था। कुछ ड्रोन ऊपर हवा में मंडराते रहे ताकि युद्ध के मैदान को सीधा निशाना बना सकें, दूसरे ड्रोन का इस्तेमाल विस्फोटक गिराने या सीधे हमले करने के लिए किया गया। जमीन पर, मुश्किल रास्तों के बावजूद रोबोटिक यूनिट्स लगातार आगे बढ़ती रहे। एक ही ऑपरेशन में दर्जनों ड्रोन का इस्तेमाल किया। हवा और जमीन, दोनों तरफ से हो रहे हमलों की वजह से, बचाव करने वाली टीम को एक ही समय पर कई खतरों का सामना करना पड़ा। यह ऑपरेशन कई घंटों तक चला और जब बाद में यूक्रेनी सैनिक वहां पहुंचे, तो उन्हें रूसी सैनिकों की लाशें मिलीं और उन्होंने उस जगह पर कब्जा कर लिया। जीत के साथ-साथ इस मिशन से कुछ अहम सबक भी मिले। ऑपरेटर्स ने उन क्षेत्रों की पहचान की जहां भविष्य में इस्तेमाल के लिए ड्रोन्स में सुधार किया जा सकता है।
आपत्तिजनक आचरण पर कड़ा रुख, जवाब नहीं तो सीधी कार्रवाई
Amit Shah का हमला—‘बंगाल में खाता भी नहीं खोल पाएगी कांग्रेस’, Rahul Gandhi पर साधा निशाना
बिलासपुर से दिल्ली का सफर होगा आसान: 3 मई से शुरू हो रही है सीधी हवाई सेवा
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर, ईरानी सेना की जहाजों पर फायरिंग
Mallikarjun Kharge के बयान पर बवाल, BJP प्रतिनिधिमंडल ने EC से की मुलाकात
क्या आपका पीरियड फ्लो कम हो गया है? तनाव और डाइट हो सकते हैं जिम्मेदार
UP Board Result 2026: कल 4 बजे आएगा रिजल्ट, Amar Ujala पर मिलेगा डायरेक्ट लिंक
कर्नाटक में होमस्टे में विदेशी महिला से दुष्कर्म, नशीला पेय देने का आरोप; दो गिरफ्तार
तिलक वर्मा की 'विराट' उपलब्धि: गुजरात के 11 धुरंधरों पर भारी पड़ा मुंबई का यह अकेला शूरवीर।