घर पर मकड़ी के लगे हैं जाले, तो हो जाएं सावधान, होता है अशुभ
घर के अंदर या बाहर अक्सर मकड़ी का जाला देखते होंगे. कई बार मन में यह सवाल आता है कि आखिर ये जाले क्यों लगते हैं? इसके नुकसान क्या है? वास्तुशास्त्र के अनुसार मकड़ी का जाला हमारी आर्थिक शक्ति को रोकता है, इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सकारात्मक ऊर्जा घर से चली जाती है. घर में आर्थिक तंगी, अवसरों का न मिलना व कलेश बढ़ जाता है. विंध्यधाम के ज्योतिषाचार्य ने मकड़ी के जाले के नुकसान को बताया है. कहा कि जाले दिखें तो साफ कर दें, वरना अवसर खत्म हो जाएंगे.
विंध्यधाम के ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि ने लोकल 18 से बताया कि पुराणों, शास्त्रों और धर्मग्रंथों के अनुसार घर में धूल जमा हो. जाले लगे हो. अंधेरा हो तो वहां पर लक्ष्मी का वास नहीं होता है. इसका उल्लेख गरुण पुराण व वास्तुग्रंथों में किया गया है. जिस घर में जाले व गंदगी हो तो वहां पर नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मकड़ी का जाला मृत ऊर्जा का प्रतीक है. जब भी अपने घरों में ऊर्जा का प्रवाह रुकता है तो जाले आपके घर के कोने, दरवाजे व अन्य जगहों पर लग जाता है. इससे सकारात्मक ऊर्जा नहीं आ पाती है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यह घर के सदस्यों को भी प्रभावित करता है.
अखिलेश अग्रहरि ने बताया कि घर के पूर्व, उत्तर व ईशान कोण को लक्ष्मी का स्थान माना जाता है. हर व्यक्ति इससे अनजान होता है. यह गंभीर वास्तु है. इससे आय का रुकना, मेहनत का फल न मिलना और घर आते ही पैसे का खर्च होने जैसे कई कारण हैं. ज्योतिष शास्त्र में मकड़ी का जाला राहू की जड़ता और केतु की उलझन से जुड़ा हुआ माना जाता है. इससे अचानक से आर्थिक समस्या उत्पन्न होना. उधार पैसे वापस न मिलना और कोर्ट कचहरी के चक्करों में फंसना आदि है. सबसे ज्यादा आर्थिक हानि होती है.घर में मकड़ी का जाल बनने से अवसर खत्म होते हैं. निर्णय प्रभावित होते हैं और काम पूरे नहीं होते हैं. इससे सकारात्मक ऊर्जा नहीं मिलती है और निर्णय क्षमता खत्म हो जाती है.
अखिलेश अग्रहरि ने बताया कि जाले का दूसरा नाम है उपेक्षा व अव्यवस्था. इसके रहने से असर हमारी ऊर्जा पर नजर आता है. मानसिक व शारीरिक स्वारथ्य पर भी असर डालता है, जो हमारे धन को प्रभावित करती है. शास्त्रों में लक्ष्मी को ऊर्जा, प्रकाश व गतिशीलता का प्रतीक माना जाता है. जहां पर यह तीनों चीजे नहीं आएगी तो लक्ष्मी का आगमन नहीं होगा. इसलिए अगर घर में जाले हो तो समय पर इसकी सफाई करते रहे. जालों को लंबे समय तक नहीं रहने दें. अन्यथा आर्थिक नुकसान हो सकता है.
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर
हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी जी जनसंपर्क का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण: निमदेव
चुनाव से पहले सियासी घमासान: पीएम मोदी पर बयान को लेकर खरगे को EC का नोटिस