नागपुर, 3​ सितंबर।  कमला नेहरू कॉलेज ऑफ फार्मेसी में गणेश उत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। पर्यावरण अनुकूल परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी शाडू मिट्टी की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा की गई। इस मूर्ति की स्थापना एवं पूजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश बाहेती के हस्ते विधिवत संपन्न हुई।

इस अवसर पर डॉ. बाहेती ने कहा, “गणेशोत्सव महाराष्ट्र की अस्मिता और संस्कृति का प्रतीक है। यह सामाजिक एकता, राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और हमारी भाषा के गौरव का उत्सव है। यह महाराष्ट्र के सांस्कृतिक गर्व और पहचान का प्रतीक है। वर्तमान पीढ़ी को भी इस उत्सव में शामिल होकर आनंद लेना चाहिए, यही हमारी सच्ची संस्कृति है।”


इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें प्रश्नोत्तरी, पारंपरिक परिधान, वाद-विवाद, रील्स मेकिंग, फोटोग्राफी, रंगोली, मटका फोड़, वन मिनट शो, नृत्य और गायन प्रतियोगिताएँ शामिल थीं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला तथा आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला।

डॉ. बाहेती ने आज की व्यस्त जीवनशैली में स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा मच्छर जनित बीमारियों की बढ़ती समस्या पर चर्चा की। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन हॉस्पिटल, खापरी; केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, बुटीबोरी; और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दुर्गा मंदिर, बुटीबोरी में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय ग्रामीण, प्राध्यापक, कर्मचारी तथा डी. फार्मा, बी. फार्मा, एम. फार्मा एवं पीएच.डी. विद्यार्थी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

परंपरा के अनुसार गणराय को भक्तिभाव एवं उल्लास के साथ विदा किया गया। विसर्जन से पूर्व मूर्ति की पूजा-अर्चना डॉ. स्मिता वंजारी (कोषाध्यक्ष, अमर सेवा मंडल) के हस्ते संपन्न हुई। “गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष जल्दी आना” के जयघोष के साथ विद्यार्थियों ने गणराय को आनंदमय विदाई दी।

यह संपूर्ण आयोजन प्राचार्य डॉ. जगदीश बाहेती के मार्गदर्शन तथा प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पर्यावरण अनुकूल पहल की संस्थान की अध्यक्षा डॉ. सुहासिनी वंजारी, सचिव विधायक एडवोकेट अभिजीत वंजारी, कोषाध्यक्ष डॉ. स्मिता वंजारी तथा प्राचार्य डॉ. जगदीश बाहेती ने विशेष सराहना करते हुए सभी को बधाई दी।