नागपुर, 27 सितंबर. यह कहना है, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉन्फेडेरेशन आॅफ इंडियन ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालकृष्ण भरतिया का. उन्होंने कहा कि युवा भारत का भविष्य हैं. हमें उन्हें लेकर जजमेंटल होने की बजाए, उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता है. हम युवाओं को केअरलेस कहते हैं, हमें विचार करना होगा कि कही वे लेस केअर्ड तो नहीं, हम उन्हें यूजलेस समझते हैं, हमें समझना होगा कि कहीं उनके लेस यूज के पीछे हम ही तो जिम्मेदार नहीं.

श्री भरतिया ने ये विचार, आज नगर के होटल हेरिटेज में आयोजित  कार्यक्रम TNB चाय, चर्चा और चिंतन के दौरान व्यक्त किए.  यह एक संवाद श्रंखला कार्यक्रम है, जिसका आयोजन स्वस्थ चर्चाओं को स्थापित करने की दिशा में कार्यरत 'द न्यू भारत – स्वस्थ चर्चा का मंच' की ओर से संस्थापक रवि शुक्ला की संकल्पना के अंतर्गत किया जाता है. 

इस संवाद में श्री भ​रतिया ने आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी, बच्चों के व्यक्तित्व  निर्माण में संयुक्त परिवार की भूमिका, जीएसटी सुधारों, एमएसएमई को पुनर्परिभाषित करने की जरूरत, स्वदेशी को प्रोत्साहन, खुदरा कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की समस्याओं व व्यापारियों की निर्णायक शक्ति आदि जैसे संवदेनशील विषयों पर खुलकर बात की और अपने निवारक सुझाव सामने रखे. श्री भरतिया ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा से बढ़कर व्यापारिक हितों को प्राथमिकता देते हैं. 

हॉकी एसोसिएशन में उनके कार्यकाल का संदर्भ आने पर उन्होंने कहा कि बेशक हॉकी में​ क्रिकेट जैसा ग्लैमर और पैसा नहीं है, लेकिन यह युवाओं के कैरियर में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह एक दमखम वाला खेल है. युवाओं के बीच इसे प्रोत्साहन दिया जाना बहुत जरूरी है.  

इस अवसर पर द न्यू भारत के मानद संरक्षक एस.पी.सिंह, सोनू तिवारी, विचार परिषद सदस्य, श्री योगेन्द्र अग्रवाल, उषा अग्रवाल, आकांक्षा शुक्ला, वसंत पारधी, माधुरी मिश्रा, डॉ. संदीप अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में नगर के बुद्धिजीवी, व्यवसायी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.