बीजापुर मुठभेड़ में 2 महिला समेत 4 नक्सली ढेर, AK-47 सहित बड़ा जखीरा जब्त
बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है. जिले के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में बासागुड़ा और गंगलूर थाना क्षेत्र के सरहदी जंगलों में शनिवार शाम को हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के 04 माओवादियों को ढेर कर दिया. इनमें दो महिला नक्सली भी शामिल थीं. मारे गए माओवादियों पर कुल 17 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने बताया कि माओवादी गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. इसी दौरान माओवादी कैडर से मुठभेड़ हुई, जो रुक-रुक कर देर शाम तक जारी रही.
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान
पुलिस ने इस मुठभेड़ में प्लाटून नंबर 10 के हुंगा को ढेर किया है. वह एसीएम से जुड़ी थी और उसके सिर पर ₹5 लाख इनाम रखा गया था. इसके बाद दूसरा नाम है लक्खे, यह भी एसीएम से जुड़ा था और प्लाटून नम्बर 30 देखता था. लक्खे पर 5 लाख का इनाम था. भीमे भी एसीएम दक्षिण सब जोनल ब्यूरो देखती थी और इस पर भी ₹5 लाख का इनाम था. इनके अलावा निहाल उर्फ राहुल को भी मुठभेड़ में ढेर किया है. निहाल पार्टी सदस्य था और संतोष (ब्यूरो कम्युनिकेशन टीम हेड) का गार्ड था और इसके सिर पर भी ₹2 लाख का इनाम था.
बरामद हथियार व सामग्री
नक्सलियों के पास से पुलिस को एक SLR के साथ 03 मैग्जीन और 15 जिंदा राउंड, एक इंसास के साथ 03 मैग्जीन और 40 जिंदा राउंड, एक .303 रायफल के साथ 01 मैग्जीन और 16 जिंदा राउंड, एक बीजीएल लांचर (सुरखा) के 03 नग सेल, एक सिंगल शॉट 315 बोर रायफल, एक 12 बोर बंदूक, 12 नग जिंदा सेल, AK-47 के 08 जिंदा राउंड, बीजीएल सेल (छोटा) के 03 नग और एक ग्रेनेड बरामद हुआ है. हथियारों के अलावा नक्सली साहित्य, रोजमर्रा की जरूरत के सामान और भारी मात्रा में विस्फोटक भी मिला है.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की रणनीतिक और सघन अभियान का हिस्सा है. वर्ष 2024 में मिली निर्णायक बढ़त को जारी रखते हुए, 2025 में भी नक्सल उन्मूलन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.
जवानों की रणनीति आ रही काम
आईजी ने जानकारी दी कि जनवरी 2024 से जुलाई 2025 तक 425 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जो सुरक्षा बलों की मजबूत रणनीति, साहसिक कार्रवाइयों का परिणाम है. उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मानसून के कठिन मौसम, घने जंगलों और दुर्गम इलाकों के बावजूद सुरक्षा बलों का हौसला डिगा नहीं है. जवान पूरे समर्पण और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं.
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